Madhubani News: सरकार द्वारा किसानों को उनकी फसल की उचित कीमत दिलाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग को घर-घर जाकर गेहूं खरीदने का निर्देश दिया गया है. इसके बावजूद मधुबनी जिला गेहूं खरीद के लक्ष्य को पूरा करने में काफी पीछे चल रहा है. इस साल जिले के लिए तय किए गए 5174 मीट्रिक टन (एमटी) के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक केवल 619 एमटी गेहूं की ही खरीद हो सकी है.
134 में से सिर्फ 41 समितियां ही कर रहीं गेहूं की खरीद
विभाग ने इस सीजन में गेहूं खरीद के लिए कुल 134 समितियों का चयन किया था. इन सभी चयनित समितियों को पहली किस्त के रूप में 9 लाख 56 हजार 900 रुपये की कैश क्रेडिट (सीसी) राशि भी उनके खातों में भेज दी गई है. इसके बावजूद भारी उदासीनता देखी जा रही है. जिले की 91 समितियों ने अब तक खरीदारी शुरू ही नहीं की है, सिर्फ 41 समितियां ही धरातल पर गेहूं खरीद रही हैं.
निबंधित 600 किसानों में से सिर्फ 157 ने बेचा अपना गेहूं
सहकारिता विभाग के अनुसार, जिले के 21 प्रखंडों के महज 157 किसानों से ही अब तक गेहूं खरीदा गया है. जबकि गेहूं बेचने के लिए जिले के 600 किसानों ने बकायदा विभागीय पोर्टल पर अपना निबंधन कराया था. जिला सहकारिता पदाधिकारी (डीसीओ) सुदर्शन कुमार ने बताया कि किसानों से गेहूं खरीद की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित है. वहीं, खरीदी गई फसल को राज्य खाद्य निगम (एसएफसी) को सौंपने की अंतिम तिथि 22 जून तय की गई है.
बीसीओ कर रहे मॉनिटरिंग, एसएफसी को गेहूं देने की रफ्तार भी धीमी
खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए सभी प्रखंडों के बीसीओ (प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी) को निर्देश दिए गए हैं कि वे समिति सदस्यों के साथ निबंधित किसानों के घर जाकर संपर्क करें. डीसीओ खुद हर दिन शाम को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रगति की समीक्षा कर रहे हैं. चिंता की बात यह भी है कि खरीदे गए 619 एमटी गेहूं में से अब तक सिर्फ 87 एमटी गेहूं ही राज्य खाद्य निगम को दिया गया है. शेष राशि को अगले चार दिनों में भेजने का निर्देश समितियों को दिया गया है.
मधुबनी से के के पुट्टी की रिपोर्ट
