जन्मजात कटे होंठ-तालू से पीड़ित बच्चों को मिली नई मुस्कान , डंकन हॉस्पिटल में होगा मुफ्त ऑपरेशन

Madhubani News: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत मधुबनी से 20 जन्मजात कटे होंठ और कटे तालू से पीड़ित बच्चों को निःशुल्क स्क्रीनिंग और ऑपरेशन के लिए डंकन हॉस्पिटल, रक्सौल भेजा गया. सभी बच्चों के इलाज, रहने, खाने और परिवहन की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने मुफ्त की है.

मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

Madhubani News: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत जन्मजात कटे होंठ (Cleft Lip), कटे तालू (Cleft Palate) और टंग-टाई जैसी समस्याओं से पीड़ित बच्चों के लिए 3 से 5 जुलाई तक रक्सौल स्थित डंकन हॉस्पिटल में तीन दिवसीय निःशुल्क जांच एवं सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया है. इस शिविर के लिए मधुबनी जिले से 20 चिन्हित बच्चों को उनके अभिभावकों और आयुष चिकित्सकों की निगरानी में गुरुवार को 102 एम्बुलेंस के माध्यम से रवाना किया गया. शिविर का आयोजन रिजन बियोंड मेडिकल यूनियन सोसायटी द्वारा लव विदाउट रीजन फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है.

जिले से 20 बच्चों को भेजा गया रक्सौल

जिला स्वास्थ्य समिति के अनुसार राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत चिन्हित 20 बच्चों को उनके अभिभावकों के साथ डंकन हॉस्पिटल भेजा गया है. आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम सभी बच्चों की स्क्रीनिंग करेगी. जांच के बाद जिन बच्चों में सर्जरी की आवश्यकता होगी, उनका ऑपरेशन पूरी तरह निःशुल्क किया जाएगा. भेजे गए बच्चों में कटे होंठ के 7, कटे तालू के 6 तथा कटे होंठ एवं तालू दोनों से प्रभावित 7 बच्चे शामिल हैं.

रहने, खाने और ऑपरेशन तक सभी सुविधाएं मुफ्त

शिविर में बच्चों और उनके अभिभावकों के लिए रहने, खाने-पीने, आने-जाने, ऑपरेशन, दवाइयों तथा अन्य आवश्यक उपचार की पूरी व्यवस्था निःशुल्क की गई है. स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है.

102 एम्बुलेंस से आने-जाने की व्यवस्था

सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि सभी संबंधित प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारियों और आरबीएसके टीमों को निर्देश दिया गया है कि चिन्हित बच्चों, उनके अभिभावकों तथा नामित आयुष चिकित्सकों को 102 एम्बुलेंस के माध्यम से सुरक्षित रूप से रक्सौल पहुंचाया जाए और इलाज के बाद वापस उनके घर तक लाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए.

समय पर इलाज से मिलेगा बेहतर भविष्य

आरबीएसके के जिला समन्वयक डॉ. दीपक कुमार ने बताया कि कटे होंठ, कटे तालू और टंग-टाई जैसी जन्मजात समस्याओं का समय पर इलाज बच्चों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए बेहद जरूरी है. समय पर सर्जरी होने से बच्चों को भोजन करने, बोलने और सामान्य जीवन जीने में होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी तथा उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा.

लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश

जिला स्वास्थ्य समिति ने सभी संबंधित अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को निर्देश दिया है कि इस विशेष अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाए. सभी चिन्हित बच्चों की समय पर स्क्रीनिंग और जरूरत पड़ने पर सर्जरी सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता होगी.

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Published by: Purushottam Kumar

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