मधुबनी से नागेंद्र नाथ झा की रिपोर्ट
Madhubani News: मधुबनी जिले के रामपट्टी जेल में बंद महिला कैदियों के बीच मासिक धर्म और शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया. ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ (मधुबनी अध्याय) के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल में बंद महिलाओं को स्वास्थ्य और स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और उन्हें सैनिटरी पैड वितरित करना था. यह पूरी पहल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित प्रख्यात शिक्षिका डॉ. मीनाक्षी कुमारी और जिला संगठन प्रभारी राजू झा के मार्गदर्शन और विशेष प्रयास से संपन्न हुई.
‘रेड डॉट चैलेंज’ से दिया मासिक धर्म स्वच्छता का संदेश
इस जागरूकता कार्यक्रम का आधिकारिक उद्घाटन रामपट्टी जेल की असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट सोनी कुमारी ने किया. इस अवसर पर ‘रेड डॉट चैलेंज’ (Red Dot Challenge) अभियान चलाया गया. यह एक विशेष जागरूकता अभियान है, जिसका उद्देश्य माहवारी से जुड़े सामाजिक संकोच, झिझक और रूढ़िवादी भ्रांतियों को दूर करना है.
- प्राकृतिक प्रक्रिया का प्रतीक: इस अभियान के तहत जेल प्रशासन की महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अपने हाथों पर लाल बिंदु (Red Dot) बनाकर समाज को संदेश दिया कि मासिक धर्म एक पूरी तरह से प्राकृतिक प्रक्रिया है और इस पर खुलकर बातचीत होनी चाहिए.
- आत्मविश्वास में बढ़ोतरी: यह अभियान बंदियों और किशोरियों में सकारात्मक सोच विकसित करने, उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने तथा स्वच्छता के महत्व को व्यावहारिक रूप से समझाने का कार्य करता है.
त्वरित जानकारी सारणी (Quick Info Table)
| विवरण श्रेणी | कार्यक्रम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| स्थान | रामपट्टी जेल, मधुबनी |
| मुख्य आयोजक | लेट्स इंस्पायर बिहार (मधुबनी चैप्टर) |
| मार्गदर्शन व पहल | डॉ. मीनाक्षी कुमारी एवं राजू झा (जिला संगठन प्रभारी) |
| उठाये गए मुख्य कदम | सैनिटरी पैड का वितरण और सही उपयोग की जानकारी |
| टीम के मुख्य सदस्य | आर्या झा, स्नेहा, प्रीति मिश्रा, प्रिया और राकेश कुमार |
‘बीमारियों से बचना है तो जेल में अपनी समस्याएं न छुपाएं’
कार्यशाला के दौरान ‘लेट्स इंस्पायर बिहार’ की टीम से जुड़ी स्नेहा ने विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर बनाई गई एक बेहद खूबसूरत और अर्थपूर्ण पेंटिंग प्रदर्शित की और उसके माध्यम से उपस्थित महिलाओं को स्वच्छता के नियम समझाए. आर्या झा और प्रीति मिश्रा ने भी महिला कैदियों को संबोधित करते हुए सैनिटरी पैड के सही उपयोग, उसकी साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों की जानकारी दी.
वक्ता आर्या झा और प्रीति मिश्रा का मुख्य संदेश: “जेल में बंद रहने के दौरान भी महिला कैदियों को पीरियड्स के समय किसी भी प्रकार की कठिनाई या साफ-सफाई की समस्या को छुपाना नहीं चाहिए. संकोच के कारण अपनी बात दबाने से महिलाएं गंभीर और जानलेवा बीमारियों का शिकार हो सकती हैं. अपनी समस्याओं को जेल के डॉक्टरों और वहां मौजूद सहकर्मियों के साथ खुलकर साझा करें, क्योंकि हमारी सुरक्षा हमारी अपनी जिम्मेदारी है.”
