Madhubani News: विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर शुक्रवार (5 जून 2026) को 18वीं वाहिनी मुख्यालय राजनगर परिसर में एक वृहद पौधारोपण कार्यक्रम का गरिमामयी आयोजन किया गया. इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जागृत करना और देश को हरित व स्वच्छ वातावरण की ओर प्रोत्साहित करना है. यह पर्यावरण मुहिम केवल मुख्य मुख्यालय तक सीमित नहीं रही, बल्कि वाहिनी के अंतर्गत आने वाले समस्त समवाय मुख्यालयों के कार्यक्षेत्रों में भी एक साथ चलाई गई, जिसके तहत पूरे कार्यक्षेत्र में कुल 1000 विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए.
प्रत्येक व्यक्ति ले पेड़ लगाने का संकल्प
इस हरित अभियान के अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय और सुरक्षाकर्मियों को संबोधित करते हुए 18वीं वाहिनी के कमांडिंग ऑफिसर श्री कोजा राम लोमरोड़ ने वर्तमान समय में बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की. उन्होंने देश के हर नागरिक से अपील करते हुए कहा कि पर्यावरण को बचाने के लिए अब समय आ गया है कि प्रत्येक व्यक्ति स्वेच्छा से आगे आए और अपने जीवन में अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के साथ-साथ उनकी पूरी जिम्मेदारी से देखभाल करने का अटूट संकल्प ले.
फलदार-छायादार पौधों का हुआ रोपण
इस महा-अभियान की सबसे खूबसूरत तस्वीर तब देखने को मिली जब देश के जवानों के साथ-साथ आम जनता और युवाओं ने मिलकर प्रकृति को संवारने का जिम्मा उठाया. कार्यक्रम के दौरान वाहिनी के सभी वरीय अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों और मुस्तैद कार्मिकों के अलावा संदीक्षा परिवार के सदस्यों ने भी बढ़-चढ़कर अपना योगदान दिया. इसके साथ ही, देश सेवा और खेल जगत में नाम रोशन करने की तैयारी कर रहे ‘मिथिला फिजिकल एकेडमी राजनगर’ के छात्र-छात्राओं तथा भारी संख्या में आए स्थानीय नागरिकों ने भी अपने हाथों से मिट्टी खोदकर विभिन्न औषधीय, फलदार और छायादार प्रजातियों के पौधों का रोपण किया.
वन-मित्रों और जवानों को सौंपी गई जिम्मेदारी
वाहिनी प्रशासन की ओर से बताया गया कि इस विशेष दिन पर लगाए गए सभी 1000 पौधों की सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. कैंपस और बाहरी चौकियों पर लगाए गए इन पौधों की नियमित सिंचाई और उनकी देखरेख के लिए बकायदा वन-मित्रों और जवानों की जिम्मेदारी तय की गई है, ताकि ये पौधे आने वाले समय में बड़े होकर राहगीरों को ठंडी छांव और पर्यावरण को शुद्ध ऑक्सीजन प्रदान कर सकें.
मधुबनी से पंकज कुमार की रिपोर्ट
