Madhubani News: शहर में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और उपभोक्ताओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए बिजली विभाग ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं. मधुबनी विद्युत उप-शक्ति केंद्र पर अत्यधिक लोड को नियंत्रित करने और बिजली संकट को दूर करने के लिए 10 MVA (एमवीए) का एक अतिरिक्त नया पावर ट्रांसफार्मर लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसके लिए सब-स्टेशन परिसर में ट्रांसफार्मर फाउंडेशन और शेड का निर्माण कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है, जिससे शहरवासियों को जल्द ही सुचारू बिजली का लाभ मिलेगा.
ट्रांसफार्मरों पर बढ़ा दबाव
बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता (एग्जीक्यूटिव इंजीनियर) मोहम्मद अरमान ने मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शहरी और ग्रामीण इलाकों में नए बिजली कनेक्शनों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है. इस कारण विद्युत उप-शक्ति केंद्र में पहले से स्थापित तीन पावर ट्रांसफार्मरों पर क्षमता से अधिक लोड बढ़ गया था. लोड की इस अधिकता की वजह से तकनीकी रूप से सिस्टम को संचालित करने में कई तरह की गंभीर परेशानियां आ रही थीं.
ट्रिपिंग की समस्या होगी दूर
कार्यपालक अभियंता ने स्पष्ट किया कि जैसे-जैसे तापमान और गर्मी का पारा ऊपर चढ़ता है, वैसे ही घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में एसी, कूलर व पंखों का उपयोग बढ़ने से पावर ट्रांसफार्मर पर लोड काफी ज्यादा बढ़ जाता है. अत्यधिक लोड के कारण ट्रांसफार्मर सुरक्षात्मक रूप से अपने आप ट्रिप होने लगते थे. इस ट्रिपिंग और ओवरहीटिंग से बचाने के लिए मजबूरन कई फीडरों की बिजली आपूर्ति को बारी-बारी से बंद करना पड़ता था. लेकिन अब 10 MVA का एक और नया ट्रांसफार्मर स्थापित हो जाने से पुराने उपकरणों पर से लोड का दबाव काफी कम हो जाएगा और निर्बाध आपूर्ति संभव होगी.
हजारों उपभोक्ताओं को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
कार्यपालक अभियंता मोहम्मद अरमान के अनुसार, विद्युत उप-शक्ति केंद्र के अंतर्गत आने वाले कोशी फीडर और मंगरौनी फीडर में उपभोक्ताओं की संख्या सबसे अधिक है. अत्यधिक आबादी और बड़े क्षेत्र के कारण पिछले दिनों लोड बढ़ जाने से इन दोनों फीडरों में रोटेशन के आधार पर ‘लोड शेडिंग’ (बिजली कटौती) कर आपूर्ति करनी पड़ रही थी, जिससे स्थानीय लोगों को इस उमस भरी गर्मी में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
विभाग का दावा है कि नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर के चालू होते ही कोशी और मंगरौनी फीडर को सीधे इस नए पावर सोर्स से जोड़ दिया जाएगा. इसके बाद इन क्षेत्रों में लोड शेडिंग की समस्या हमेशा के लिए समाप्त हो जाएगी और उपभोक्ताओं को लो-वोल्टेज की समस्या से भी पूरी तरह निजात मिल जाएगी.
मधुबनी से केके पुट्टी की रिपोर्ट
