मधुबनी: बारिश के बाद बदला मौसम का मिजाज, कीचड़ और गड्ढों के बीच राहगीर परेशान

Madhubani News: मधुबनी में शनिवार सुबह हुई झमाझम बारिश से उमस भरी गर्मी से राहत. आदर्श नगर और महिला कॉलेज रोड पर जलजमाव, 5 घंटे से बिजली गुल. कृषि वैज्ञानिक डॉ. ए सत्तार ने फसलों के लिए बताया फायदेमंद. जानिए खबर बिस्तार से…

Madhubani News: जिला मुख्यालय सहित विभिन्न ग्रामीण इलाकों में शुक्रवार की शाम से ही मौसम का मिजाज अचानक बदल गया. इसके बाद शनिवार की अहले सुबह (तड़के) हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे जिले में एक साथ राहत और आफत दोनों की तस्वीरें पेश की हैं. इस झमाझम बारिश से जहां पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण और उमस भरी गर्मी से आम लोगों को बड़ी राहत मिली है और मौसम सुहाना हो गया है, वहीं दूसरी ओर जलजमाव और चरमराई बिजली व्यवस्था ने लोगों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं.

वीआईपी इलाकों में भी जलजमाव

शनिवार सुबह हुई तेज बारिश के कारण नगर निगम और स्थानीय प्रशासन के दावों की पोल खुल गई है. शहर के कई मुख्य रास्तों और रिहायशी कॉलोनियों में भारी जलजमाव की समस्या खड़ी हो गई है. विशेषकर शहर के आदर्श नगर, बीएन झा कालूराम मार्ग और महिला कॉलेज रोड जैसे व्यस्त इलाकों में सड़कों पर घुटनों तक पानी जमा हो गया है.

जाम नालियों से सड़कों पर फैला पानी

जलभराव का मुख्य कारण समय पर नालियों की कड़ाई से सफाई न होना बताया जा रहा है, जिससे कंक्रीट और कचरे से बन्द पड़ी नालियों का गंदा पानी उफनकर मुख्य सड़कों पर फैल गया. वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति काफी नारकीय बनी हुई है, जहां कच्ची सड़कों पर गहरे कीचड़ और जलभराव के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है.

5 घंटे से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप

बारिश की शुरुआत के साथ ही पूरे जिले में बिजली की आंखमिचौनी का दौर भी लगातार जारी रहा. तेज हवाओं और आसमान में बादलों की कड़क गड़गड़ाहट के कारण लोग कुछ देर के लिए पूरी तरह सहमे नजर आए. सुरक्षा और तकनीकी खराबी के नाम पर पिछले 5 घंटों से जिले की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित है, जिससे लोगों के सामने पेयजल का संकट भी गहराने लगा है. मौसम विभाग की मानें तो अगले 24 घंटों के भीतर जिले के कुछ हिस्सों में फिर से हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना बनी हुई है.

खरीफ फसलों के लिए वरदान है बारिश

आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी यह बारिश जिले के अन्नदाताओं और किसानों के लिए एक बड़ी सौगात बनकर आई है. कृषि विज्ञान केंद्र, पूसा के वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. ए. सत्तार ने बताया कि मानसून की यह शुरुआती बारिश खरीफ फसलों के लिए बेहद लाभकारी और वरदान मानी जा रही है. इस पानी से खासकर धान की रोपनी (बिचड़ा तैयार करने), मक्का एवं दलहनी फसलों को सीधा और बड़ा फायदा पहुंचेगा. हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने किसानों को एक कड़क सलाह भी दी है कि वे अपने खेतों में अत्यधिक जलजमाव न होने दें. यदि खेतों में बहुत दिनों तक पानी रुका रहा, तो पौधों की जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए खेतों से जल निकासी का सुचारू प्रबंध जरूर रखें.

मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट

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Published by: Purushottam Kumar

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