Madhubani: 17 प्रखंडों में फाइलेरिया का नया मरीज नहीं मिला, 16 हजार बच्चों की होगी जांच

मधुबनी में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य सर्वे में बड़ी सफलता मिली है. जिले के 17 प्रखंडों में फाइलेरिया का एक भी नया मरीज नहीं पाया गया है. इस उपलब्धि के बाद अब इन प्रखंडों को फाइलेरिया मुक्त घोषित करने की तैयारी है.

Madhubani Health News: जिले में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शुरुआती स्वास्थ्य सर्वे में सकारात्मक परिणाम सामने आया है. जिले के 21 प्रखंडों में से 17 प्रखंडों में फाइलेरिया का एक भी नया मरीज नहीं मिला है. इस उपलब्धि के बाद स्वास्थ्य विभाग इन प्रखंडों को पूरी तरह फाइलेरिया मुक्त घोषित करने के लिए अंतिम चरण के बड़े सर्वे की तैयारी में जुट गया है.

17 प्रखंडों में एमडीए फिलहाल स्थगित

स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में जिले के सभी 21 प्रखंडों में व्यापक स्तर पर रात्रि रक्त पट्ट संग्रह अभियान चलाया था. अभियान की रिपोर्ट में सामने आया कि 17 प्रखंडों में फाइलेरिया का कोई नया संक्रमित मरीज नहीं मिला.

स्थिति में सुधार को देखते हुए राज्य स्वास्थ्य समिति के निर्देशानुसार इन 17 प्रखंडों में आगामी समय में संचालित होने वाले फाइलेरिया रोधी सामूहिक दवा सेवन कार्यक्रम यानी मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है.

16 हजार बच्चों का होगा ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे

इन प्रखंडों में संक्रमण के प्रसार की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए राज्य मुख्यालय के निर्देश पर ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे शुरू किया जा रहा है. इसके तहत 17 प्रखंडों के विद्यालयों में पढ़ने वाले वर्ग 1 एवं 2 के बच्चों तथा कुछ चिन्हित विद्यालयों के वर्ग 6 एवं 7 के करीब 16 हजार बच्चों की स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है.

बच्चों में संक्रमण की पुष्टि के लिए अत्याधुनिक क्यूफैट किट के माध्यम से जांच की जाएगी.

अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में बनी रणनीति

अभियान को धरातल पर शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए शुक्रवार को सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में सदर अस्पताल परिसर में जिला स्तरीय अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई.

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के साथ जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी आईसीडीएस, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी और शिक्षा कार्यक्रम प्रबंधक सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी शामिल हुए.

स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी सहयोग दे रही डब्ल्यूएचओ, पीसीआई, सी-फार और पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि भी अभियान की रणनीति में शामिल रहे. बैठक में समय सीमा के भीतर सभी बच्चों की सुरक्षित जांच पूरी करने को लेकर समन्वय पर चर्चा हुई.

बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एमडीएम, डब्ल्यूएचओ के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. दिलीप कुमार, वेक्टर जनित नियंत्रण अधिकारी पुरुषोत्तम कुमार, साधना कुमारी, नीता कुमारी, पिरामल से धीरज कुमार सिंह, कुश कुमार, सीफार के कोऑर्डिनेटर अमन कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे.

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By Anil kunar jha

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