मधुबनी के 33 हजार किसानों की फार्मर आईडी पेंडिंग, DM ने तय की 24 अगस्त की डेडलाइन

मधुबनी में फार्मर रजिस्ट्री के काम में तेजी लाने के लिए प्रशासन ने 24 अगस्त की समय सीमा तय की है. जिले में करीब 33 हजार किसानों की फार्मर आईडी अंचल और राजस्व स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित है.

मधुबनी फार्मर आईडी: जिले में फार्मर रजिस्ट्री के काम में तेजी लाने के लिए प्रशासन ने अब लंबित आवेदनों के सत्यापन को लेकर समय सीमा तय कर दी है. प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले में 3,21,514 लाभुक किसान हैं, जिनमें अब तक 1,89,781 किसानों की फार्मर आईडी तैयार हो चुकी है. वहीं करीब 33 हजार फार्मर आईडी विभिन्न स्तरों पर सत्यापन के लिए लंबित हैं. जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने इन सभी लंबित मामलों का सत्यापन 24 अगस्त तक पूरा करने का निर्देश दिया है.

अंचल और राजस्व स्तर पर लंबित हैं आवेदन

मुख्य सचिव, बिहार सरकार के निर्देश के आलोक में डीएम की अध्यक्षता में राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक हुई. इसमें फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गयी.

बैठक में बताया गया कि करीब 33 हजार फार्मर आईडी अंचल और राजस्व स्तर पर सत्यापन के लिए लंबित हैं. डीएम ने सभी स्तरों पर विशेष अभियान चलाकर इन मामलों का जल्द निष्पादन करने को कहा.

24 अगस्त तक सत्यापन पूरा करने का लक्ष्य

डीएम ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों और भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में फार्मर रजिस्ट्री की नियमित समीक्षा और प्रभावी निगरानी करने का निर्देश दिया. अंचल एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों के साथ समन्वय कर लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा गया.

उन्होंने अंचलाधिकारी, राजस्व अधिकारी और हल्का कर्मचारियों से संबंधित फार्मर आईडी की तकनीकी या अन्य समस्याओं को भी जल्द दूर करने का निर्देश दिया.

नए किसानों की भी बनेगी फार्मर आईडी

डीएम ने कहा कि लंबित फार्मर आईडी के सत्यापन के साथ नए किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का काम भी समानांतर रूप से तेज गति से किया जाए. इससे अधिक से अधिक किसानों की आईडी समय पर तैयार हो सकेगी.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि फार्मर रजिस्ट्री के काम को मिशन मोड में चलाया जाए, ताकि मधुबनी जिला बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों में शामिल हो सके.

किसानों का तैयार हो रहा डिजिटल डेटाबेस

जिलाधिकारी ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री सरकार की महत्वपूर्ण पहल है. इसके माध्यम से किसानों का डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जा रहा है. इससे किसानों से जुड़ी सरकारी योजनाओं और सेवाओं के क्रियान्वयन में भी सुविधा होगी.

बैठक में अपर समाहर्ता (राजस्व), जिला कृषि पदाधिकारी, सहायक निदेशक (शष्य), सभी एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, सीओ, राजस्व अधिकारी और प्रखंड कृषि पदाधिकारी वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए.

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