मधुबनी से सुशील कुमार की रिपोर्ट
Madhubani Crime News: थाना क्षेत्र के घोघरडीहा–हटनी रोड स्थित एक चिमनी के समीप बधार में शनिवार को सड़ी-गली अवस्था में बरामद अज्ञात शव की पहचान रविवार को हो गई. मृतक की पहचान शत्रुपट्टी गांव निवासी मो. सोहराब के 24 वर्षीय पुत्र मो. सर्फुद्दीन के रूप में हुई है. शव अत्यधिक सड़-गल जाने के कारण चेहरे से पहचानना नामुमकिन था, लेकिन परिजनों ने उसके शरीर पर मौजूद टी-शर्ट एवं जींस पैंट के आधार पर उसकी शिनाख्त की, जिसकी पुष्टि थानाध्यक्ष शुभम कुमार ने भी की है.
गंभीर मामला देख सदर अस्पताल से DMCH रेफर
जानकारी के अनुसार, सर्फुद्दीन मुरादाबाद में मजदूरी करता था और बीती 15 जून को ही अपने गांव लौटा था. उसी रात करीब साढ़े आठ से नौ बजे के बीच वह अपने गांव शत्रुपट्टी स्थित हाजी चौक के समीप से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था. काफी खोजबीन के बावजूद जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो उसके पिता मो. सोहराब ने 17 जून को घोघरडीहा थाना में गुमशुदगी की लिखित शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस ने शव को शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल मधुबनी भेजा था, जहां से गंभीर मामला देखते हुए उसे बेहतर जांच के लिए डीएमसीएच (DMCH) रेफर कर दिया गया.
दोस्तों के साथ गया था बाहर
परिजनों और ग्रामीणों ने बताया कि 15 जून को गांव लौटने के बाद सर्फुद्दीन अपने बचपन के मित्र मो. सदरे आलम के साथ पचमनियां गांव स्थित राहुल के घर गया था. वहां से तीनों मित्र आम लेकर राहुल की दीदी के घर कदमाहा गए और वापस लौटकर राहुल को छोड़ दिया.
ननिहाल में आ रहे थे लगातार फोन
इसके बाद सर्फुद्दीन अपने ननिहाल पहुंचा. उसकी नानी ने बताया कि वहां रहने के दौरान सर्फुद्दीन के मोबाइल पर लगातार किसी के कॉल आ रहे थे. इसी कारण वह महज 5 मिनट में ही अपने नाना से मिले बिना वहां से निकल गया. ननिहाल से निकलने के बाद वह हाजी चौक तिराहे पर कुछ देर बैठा रहा, जहां से ग्रामीणों के अनुसार वह दो अज्ञात युवकों के साथ कहीं चला गया.
गायब होने के बाद खाते से गायब हुए पैसे
इस पूरे मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब ग्रामीणों ने दावा किया कि सर्फुद्दीन के लापता होने के बाद भी उसके बैंक खाते से लगातार रुपये निकाले जाते रहे. परिजनों के मुताबिक, 17 जून से अवैध निकासी शुरू हुई और 21 जून को राजे टोल प्लाजा के समीप स्थित एक साइबर कैफे से अंतिम बार करीब 60 हजार रुपये उड़ाए गए. इस सूचना पर घोघरडीहा थाना पुलिस जांच करने पहुंची, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा.
पुलिस पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गुमशुदगी की शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक ट्रांजैक्शन और मोबाइल लोकेशन को लेकर तत्परता दिखाई होती, तो सर्फुद्दीन की जान बचाई जा सकती थी. जब इस संबंध में केस के आईओ (अनुसंधानकर्ता) चौधरी से जानकारी मांगी गई, तो उन्होंने गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए ‘थाने पर आओ’ कहकर फोन काट दिया, जिससे ग्रामीणों में और रोष है. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच की बात कह रही है.
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