Madhubani News: अंधराठाढ़ी प्रखंड की देवहार पंचायत के वार्ड 10 में बच्चों को एक्सपायरी पैरासिटामोल सिरप पिलाये जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं. 'प्रभात खबर' में 9 अगस्त को समाचार प्रकाशित होने के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मामला सामने आया. इसके बाद स्वास्थ्य प्रबंधक की ओर से संबंधित एएनएम के अपनी भूल स्वीकार करने की बात कही गयी है. हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि मामले में सिर्फ एएनएम की गलती बताकर जिम्मेदारी तय करने की कोशिश की जा रही है.
एएनएम की भूल के साथ स्टॉक व्यवस्था पर भी सवाल
स्वास्थ्य प्रबंधक के अनुसार संबंधित एएनएम ने एक्सपायरी सिरप बांटने की भूल स्वीकार कर ली है. वहीं, मामले को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि एक्सपायरी दवा स्टॉक में पहुंची कैसे और उसके वितरण से पहले इसकी जांच क्यों नहीं हुई.
मामले में दवा स्टोर प्रभारी और फार्मासिस्ट की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाये जा रहे हैं. आरोप है कि स्टॉक के मासिक भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया में लापरवाही हुई. हालांकि, इस संबंध में विभाग की ओर से जिम्मेदारी तय करने या जांच की स्थिति को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आयी है.
11 दिन बाद भी मेडिकल टीम नहीं पहुंचने का आरोप
स्थानीय ग्रामीण अखिलेश कुमार और कृष्ण मोहन चौधरी का आरोप है कि मामला उजागर होने के 11 दिन बाद भी जिला या प्रखंड स्तर से कोई मेडिकल टीम देवहार पंचायत नहीं पहुंची है. उनका कहना है कि जिन बच्चों ने एक्सपायरी सिरप पी लिया था, उनके स्वास्थ्य की मौके पर जांच करायी जानी चाहिए थी.
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित एएनएम पर कार्रवाई करने के बजाय स्वास्थ्य प्रबंधक और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मामले को रफा-दफा करने में लगे हैं. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
परिजन सहमे, अस्पताल प्रशासन ने बच्चों को बताया सुरक्षित
जिन बच्चों ने कथित तौर पर एक्सपायरी सिरप पी लिया था, उनके परिजन अभी भी सहमे हुए हैं. परिजनों के निजी डॉक्टरों की निगरानी में बच्चों का उपचार कराने की बात कही गयी है.
हालांकि, अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं. वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर बच्चों के स्वास्थ्य की जांच नहीं करायी.
बीडीओ ने कहा, जानकारी नहीं थी
मामले में बीडीओ राकेश रौशन ने कहा कि इस संबंध में उन्हें जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग के पदाधिकारी को बुलाकर बात की जाएगी. इसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकेगा.
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