Madhubani News: मधेपुर मुरलीगंज के हाट बाजार स्थित एसबीआई एटीएम में रुपये निकालने पहुंचे एक शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो गये. एटीएम में कार्ड फंसने के बाद मदद के नाम पर एक युवक ने उन्हें मोबाइल नंबर पर कॉल करने की सलाह दी. कॉल करने के बाद ठग ने प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर शिक्षक से ओटीपी हासिल कर लिया. इसके बाद उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए एक लाख रुपये से अधिक की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गयी.
ATM में फंस गया था शिक्षक का कार्ड
पीड़ित शिक्षक की पहचान सरोज कुमार के रूप में हुई है. उन्होंने पुलिस को दिये आवेदन में बताया कि 26 अगस्त की शाम करीब 6:10 बजे वह स्टेट बैंक मेन ब्रांच से करीब 200 मीटर पश्चिम हाट बाजार स्थित एसबीआई एटीएम पहुंचे थे.
एटीएम में कार्ड डालने के बाद उनका कार्ड मशीन के अंदर ही फंस गया. काफी प्रयास के बावजूद कार्ड बाहर नहीं निकला और लेन-देन भी नहीं हो सका.
पीछे खड़े युवक ने दिया फर्जी हेल्पलाइन नंबर
इसी दौरान एटीएम में पीछे खड़े एक युवक ने शिक्षक को सहायता के नाम पर एक मोबाइल नंबर पर कॉल करने की सलाह दी. शिक्षक ने उस नंबर पर संपर्क किया.
फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने खुद को सहायता देने वाला बताते हुए कार्ड निकालने और प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर शिक्षक से ओटीपी हासिल कर लिया.
ओटीपी मिलते ही साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन शुरू कर दिये. आवेदन के अनुसार खाते से एक लाख रुपये से अधिक की राशि दूसरे खातों में ट्रांसफर की गयी. इनमें एक ट्रांजैक्शन 75 हजार रुपये का भी बताया गया है.
CCTV फुटेज से ठगों तक पहुंचने की कोशिश
प्रभारी थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले की गहन जांच शुरू कर दी गयी है. घटना स्थल और संबंधित एटीएम के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं.
उन्होंने बताया कि जिस स्वैप मशीन से 75 हजार रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है, उसके ट्रांजैक्शन कोड और बैंक अकाउंट स्टेटमेंट के जरिये संबंधित दुकान और मशीन धारक का पता लगाया जा रहा है. एटीएम मशीन पर लिखे फर्जी मोबाइल नंबर की भी तकनीकी जांच की जा रही है.
पुलिस का कहना है कि जल्द ही ठग गिरोह की पहचान कर मामले का खुलासा किया जाएगा.
ATM कार्ड फंसने पर क्या करें?
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि एटीएम में कार्ड फंसने या किसी अन्य समस्या की स्थिति में मशीन पर लिखे संदिग्ध मोबाइल नंबर पर कॉल न करें. किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर OTP, ATM PIN या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें.
