Madhubani News : पीएम ने जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड का किया शुभारंभ

बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड, पटना का शुभारंभ मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी ने किया.

मधुबनी.

बिहार राज्य जीविका निधि साख सहकारी संघ लिमिटेड, पटना का शुभारंभ मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी ने किया. इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने जीविका निधि से 105 करोड़ रुपये की राशि का ट्रांसफर भी किया. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल रहे.

इधर, नगर भवन मधुबनी में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने कहा कि जीविका निधि का गठन राज्य की महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम है. इस संस्था के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को तकनीकी एवं वित्तीय सहयोग समय पर प्राप्त होगा. जिससे उनकी आत्मनिर्भरता को नयी गति मिलेगी. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध वैकल्पिक वित्तीय स्रोत से न केवल ऋण संबंधी समस्या का समाधान होगा. बल्कि महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का मार्ग प्रशस्त होगा. कार्यक्रम में सांसद डॉ. अशोक कुमार यादव, सांसद रामप्रीत मंडल, एमएलसी घनश्याम ठाकुर, विधायक समीर कुमार महासेठ, हरिभूषण ठाकुर बचोल, डीडीसी सुमन कुमार शाह, एडीएम मुकेश रंजन, डीपीआरओ परिमल कुमार, डीपीएम मो. वसीम अंसारी सहित कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि सहित काफी संख्या में जीविका दीदियां उपस्थित थीं.

ग्रामीण महिला उद्यमियों को सस्ती मिलेगी धन राशि

कार्यक्रम में जिले की विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे. बताते चले कि जीविका निधि ग्रामीण महिला उद्यमियों को धन की सस्ती पहुंच प्रदान करेगा. जीविका निधि पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करेगा. जिससे सीधे और पारदर्शी धन हस्तांतरण सुनिश्चित होंगे. जीविका निधि की स्थापना का उद्देश्य जीविका से जुड़े सामुदायिक सदस्यों को सस्ती ब्याज दरों पर आसानी से धन उपलब्ध कराना है.

पंजीकृत कलस्टर-स्तरीय फेडरेशन बनेंगे सदस्य

जीविका के सभी पंजीकृत कलस्टर-स्तरीय फेडरेशन इस संस्था के सदस्य बनेंगे. इस संस्था के संचालन के लिए बिहार सरकार और केंद्र सरकार दोनों ही धनराशि का योगदान करेगी. जिले भर में सभी प्रखंडों एवं संकुल स्तर पर सीधा प्रसारण का आयोजन किया गया. जिसमें लगभग दो हजारों की संख्या में जीविका दीदी शामिल हुई.

जीविका निधि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करेगा काम

पिछले कुछ वर्षों में जीविका के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं में उद्यमिता का विकास हुआ है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कई लघु उद्यमों और उत्पादक कंपनियों की स्थापना हुई है. हालांकि, महिला उद्यमियों को अक्सर 18 प्रतिशत से 24 प्रतिशत तक की ऊंची ब्याज दरें वसूलने वाले सूक्ष्म वित्त संस्थानों पर निर्भर रहना पड़ता था. जीविका निधि को सूक्ष्म वित्त संस्थानों पर निर्भरता कम करने और कम ब्याज दरों पर समय पर बड़ी ऋण राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक वैकल्पिक वित्तीय प्रणाली के रूप में बनाया गया है. यह प्रणाली पूरी तरह से एक डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर काम करेगी. जिससे जीविका दीदियों के बैंक खातों में सीधे और तेजी से पारदर्शी धन हस्तांतरण सुनिश्चित होगा. इसे सुविधाजनक बनाने के लिये सामुदायिक कार्यकर्ताओं को टैबलेट से लैस किया गया है.

ग्रामीण महिलाओं में उद्यमिता विकास को मिलेगी मजबूती

इस पहल से ग्रामीण महिलाओं के बीच उद्यमिता विकास को मजबूत करने और समुदाय आधारित उद्यमों के विकास में तेज़ी आने की उम्मीद है. जीविका निधि के माध्यम से समूह की महिलाओं को लगभग 12 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर पर ऋण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. जिसे भविष्य में आवश्यकता अनुसार और भी लचीला बनाया जाएगा. यह वित्तीय संस्था ग्रामीण स्तर पर महिलाओं को बचत, ऋण एवं बीमा जैसी सेवा प्रदान करने में एक मील का पत्थर साबित होगी.

क्या है जीविका निधि साख सहकारी संघ

यह संगठन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए विशेष रूप से महिला समूहों को वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा. इसके अंतर्गत कम ब्याज दर पर ऋण, बचत योजनाएं और वित्तीय प्रबंधन की आधुनिक तकनीक से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जाएंगी.

प्रधानमंत्री का यह है विजन

पीएम ने अपने संबोधन में कहा कि इस पहल को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान से जोड़ा जा रहा है. ताकि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की नई शुरुआत हो सके. इसका मुख्य उद्देश्य है

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By GAJENDRA KUMAR

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