Jhanjharpur News: 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित झंझारपुर के दो सगे भाइयों प्रशांत कुमार और हेमंत कुमार का रविवार को लंगड़ा चौक पर नागरिक अभिनंदन किया गया. मोहना चौक से निकले स्वागत जुलूस में बड़ी संख्या में नागरिक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हुए. दोनों भाइयों का फूल-माला, अंगवस्त्र और तिलक लगाकर गर्मजोशी से स्वागत किया गया.
101वीं और 302वीं रैंक हासिल कर बने डिप्टी कलेक्टर
प्रशांत कुमार ने राज्य स्तर पर 101वीं रैंक, जबकि हेमंत कुमार ने 302वीं रैंक प्राप्त कर डिप्टी कलेक्टर पद पर सफलता हासिल की है. दोनों 15 अगस्त से गया में प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जिसके बाद डिप्टी कलेक्टर के रूप में योगदान देंगे.
सरकारी स्कूल से आईआईटी और फिर बीपीएससी तक का सफर
दोनों भाई विज्ञान के सेवानिवृत्त शिक्षक बाबूजी शाह के पौत्र तथा शिक्षक रामनाथ शाह एवं शिक्षिका गीता प्रसाद के पुत्र हैं. उनके नाना अगहनु साह फूल देवी कुशेश्वर झा महाविद्यालय से गणित के प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं.
प्रारंभिक शिक्षा सरकारी विद्यालयों से प्राप्त करने के बाद दोनों ने आईआईटी में प्रवेश लिया. प्रशांत कुमार पिछले 12 वर्षों से जर्मनी में उच्च पद पर कार्यरत थे, जबकि हेमंत कुमार वर्तमान में पटना सचिवालय में शाखा पदाधिकारी के पद पर कार्यरत हैं. हेमंत ने छठे प्रयास में सफलता हासिल की, जबकि प्रशांत ने पहले ही प्रयास में बीपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की. दोनों के छोटे भाई डॉ. सुमंत कुमार एमबीबीएस चिकित्सक हैं और वर्तमान में दरभंगा के गौराबौराम अस्पताल में पदस्थापित हैं.
विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
नागरिक अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए दोनों भाइयों ने विद्यार्थियों से कहा कि सफलता केवल अंग्रेजी माध्यम या असाधारण प्रतिभा पर निर्भर नहीं करती. उन्होंने कहा कि निरंतर मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी है. उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि मंजिल मिलने तक प्रयास जारी रखना चाहिए. उनके प्रेरक विचारों का उपस्थित छात्रों ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया.
