Madhubani Health News: बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण हार्ट और डायबिटीज से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. विशेषज्ञ डॉ कृष्ण कुमार झा के अनुसार, सावन-भादो और त्योहारों के मौसम में तला-भुना और अधिक मीठा खाने से हार्ट और शुगर के मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है. ऐसे मरीजों को खानपान के साथ अपनी दिनचर्या और नियमित जांच पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए.
हार्ट मरीज नमक और तेल का सेवन करें कम
डॉ कृष्ण कुमार झा ने बताया कि हार्ट के मरीजों को नमक और तेल का सेवन नियंत्रित रखना चाहिए. दिनभर में 5 ग्राम से कम नमक लेने और सरसों तेल का सीमित इस्तेमाल करने की सलाह दी.
उन्होंने कहा कि हार्ट मरीज रोज सुबह 30 से 40 मिनट तेज चलने की आदत डालें. संभव हो तो लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. तनाव से दूर रहने के साथ बीपी और नींद को भी नियंत्रित रखना जरूरी है.
धूम्रपान और शराब से पूरी तरह करें परहेज
विशेषज्ञ के अनुसार, हार्ट के मरीजों को धूम्रपान और शराब से पूरी तरह परहेज करना चाहिए. साथ ही नियमित स्वास्थ्य जांच कराते रहना जरूरी है.
40 वर्ष की उम्र के बाद हर छह महीने में बीपी, कोलेस्ट्रॉल और ईसीजी की जांच कराने की सलाह दी गयी है. इससे स्वास्थ्य में होने वाले बदलावों का समय रहते पता लगाया जा सकता है.
शुगर मरीज फाइबर युक्त भोजन लें
डॉ केके झा ने डायबिटीज मरीजों को फाइबर युक्त भोजन को अपनी डाइट में शामिल करने की सलाह दी. जौ, रागी, हरी सब्जियां, दाल, सलाद और मखाना जैसे खाद्य पदार्थ भोजन का हिस्सा बनाने को कहा.
उन्होंने शुगर मरीजों को पैरों की देखभाल को लेकर भी सावधान किया. ऐसे मरीजों को नंगे पैर नहीं चलना चाहिए और रोज अपने पैरों की जांच करनी चाहिए.
इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
डॉ कृष्ण कुमार झा ने कहा कि हार्ट और शुगर दोनों ही लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां हैं और दिनचर्या में सुधार से इनके जोखिम को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
उन्होंने बताया कि सीने में दर्द, घबराहट, अत्यधिक प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, तेजी से वजन कम होना या घाव का ठीक न होना जैसे लक्षण दिखाई दें तो इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. ऐसे लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
