स्वच्छता अभियान मधुबनी: नगर पंचायत घोघरडीहा में 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत छात्र-छात्राओं के बीच परिचर्चा सह वाद-विवाद प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में स्वच्छता के प्रति सजगता बढ़ाना और एक स्वच्छ, सुंदर व स्वस्थ शहर के निर्माण में युवाओं की अहम भूमिका को रेखांकित करना था. कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य पार्षद अनिल कुमार मंडल, कार्यपालक पदाधिकारी संदीप कुमार तथा स्वच्छता पदाधिकारी नौशाद आलम ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. मंच का कुशल संचालन कार्यपालक सहायिका कुमारी संगीता सहल द्वारा किया गया.
विभिन्न विद्यालयों के छात्रों ने पेश किए तर्क व रचनात्मक विचार
आयोजित प्रतियोगिता में नगर क्षेत्र के कई प्रमुख शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया:
- प्लस टू भोला उच्च विद्यालय घोघरडीहा
- प्लस टू बाबा अन्नपूर्णा झा बालिका प्रोजेक्ट विद्यालय
- राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) घोघरडीहा
- अंबिका पब्लिक स्कूल
वाद-विवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने कचरा पृथक्करण, स्वच्छ परिवेश, प्लास्टिक मुक्त समाज, सार्वजनिक स्थलों की सफाई तथा एक जिम्मेदार नागरिक के कर्तव्यों जैसे संवेदनशील विषयों पर अपने तर्क रखे. छात्रों ने नगर को साफ-सुथरा रखने के लिए व्यवहारिक सुझाव भी दिए.
जनसहभागिता के बिना स्वच्छ शहर की कल्पना अधूरी: मुख्य पार्षद
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य पार्षद अनिल कुमार मंडल ने कहा कि स्वच्छ शहर का निर्माण केवल नगर निकाय अथवा प्रशासन के बलबूते संभव नहीं है. जब तक हर नागरिक अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित नहीं करेगा, तब तक शहर को पूरी तरह स्वच्छ नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने विद्यार्थियों को स्वच्छता का सच्चा दूत बताते हुए उनसे अपने घर, स्कूल और मोहल्ले में निरंतर अलख जगाने की अपील की.
कचरा प्रबंधन और स्वच्छता को दैनिक व्यवहार में ढालने की सीख
- कार्यपालक पदाधिकारी संदीप कुमार ने जोर देकर कहा कि इस अभियान का मूल उद्देश्य स्वच्छता को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप देना है. गीले और सूखे कचरे का सही अलगाव करना हर नागरिक का नैतिक दायित्व है.
- स्वच्छता पदाधिकारी नौशाद आलम ने लोगों से जलस्रोतों को दूषित न करने और कचरा नियत स्थान पर ही डालने की अपील की.
- डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित ने कहा कि स्वच्छता केवल कुछ दिनों का अभियान नहीं, बल्कि इसे जीवनशैली का अभिन्न अंग बनाना होगा तभी स्वस्थ समाज बनेगा.
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