मधुबनी.
स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तमाम कोशिश के बाद भी चिकित्सकों की मनमानी थम नहीं रही है. सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार दिन ही नहीं बल्कि रात में भी स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण कर रहे हैं. इसी क्रम में सिविल सर्जन डाॅ. हरेंद्र कुमार ने बुधवार को सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान सदर अस्पताल में विभिन्न ओपीडी में अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगा है. इसके साथ ही अनुपस्थित अवधि के वेतन भुगतान पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. यह जानकारी सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने दी. कहा कि स्पष्टीकरण संतोषप्रद नहीं पाये जाने पर संबंधित चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स के विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.अनुपस्थित पाए गए चिकित्सक
सिविल सर्जन ने कहा कि औचक निरीक्षण में एनसीडी क्लिनीक स्थित कैंसर स्क्रीनिंग के चिकित्सक अनुपस्थित थे. अल्ट्रासाउंड में चिकित्सा पदाधिकारी अनुपस्थित थे, वहीं जीएनएम ड्रेस कोड में नहीं थी. चाइल्ड ओपीडी में चिकित्सक अनुपस्थित पाये गये, आई ओपीडी में चिकित्सक भी अनुपस्थित थे. इसके अलावे फिजियोथैरेपिस्ट भी अनुपस्थित थे.रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहें चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एवं इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य प्रशासन समर्पित है. ऐसे में रोस्टर के अनुसार कार्य स्थल से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को चेतावनी देते हुए कहा कि ड्यूटी से खिलवाड़ करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है. सीएस ने रोस्टर के अनुसार सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को ड्यूटी करने का सख्त निर्देश दिया है. ताकि अस्पतालों में इलाज के लिए आने बाले मरीजों को तत्काल इलाज की सुविधा उपलब्ध हो सके. रोस्टर के अनुसार चिकित्सक के अनुपस्थित होने की स्थिति में बिना इलाज के वापस जाने बाले मरीजों द्वारा शिकायत मिलने पर संबंधित चिकित्सक एवं स्टाफ के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचना दी जाएगी. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग अस्पताल में इलाज के लिए आने बाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिलाने के लिए दृढ़ संकल्पित है. ऐसे में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों के कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने के कारण मरीजों को बिना इलाज कराये वापस जाना पड़ता है. यह एक गंभीर समस्या है. इसे किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. सीएस ने प्रत्येक वार्ड में चिकित्सक एवं स्टाफ नर्स को रोस्टर के अनुसार उपस्थित रहने का निर्देश दिया. सीएस ने कहा कि कार्यशैली में बदलाव नहीं लाने बाले चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों को कार्यस्थल से अनुपस्थित रहने पर अनुशासनिक कार्रवाई करते हुए विभाग को सूचित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि मरीज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता में शामिल होनी चाहिए. इसका शत-प्रतिशत अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए, ताकि मरीजों को किसी तरह की समस्या नहीं हो.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
