मधुबनी. आंगनबाड़ी केंद्र पर पोषण पखवाड़ा का आयोजन किया गया. केंद्र परिसर में बच्चों की खिलखिलाहट व माताओं की सहभागिता से जीवंत दिखाई दिया. इस अवसर पर महिलाओं व बच्चों को संतुलित आहार एवं पोषण के महत्व की जानकारी दी गयी. आंगनबाड़ी सेविकाओं ने हरी सब्ज़ियां, दाल, अनाज, दूध और फल को दैनिक आहार में शामिल करने पर जोर दिया. बच्चों के बीच खेल और गीतों के माध्यम से पौष्टिक आहार के महत्व का संदेश दिया गया. गर्भवती व धात्री माताओं को आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन युक्त भोजन लेने की सलाह दी गई. वहीं स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि कुपोषण से बचाव के लिए संतुलित आहार, समय पर टीकाकरण और स्वच्छता बेहद आवश्यक है. सेविकाओं ने गीत, खेल और संवाद के माध्यम से माताओं-बालकों को बताया कि जीवन की असली शक्ति हरी सब्ज़ियों, दालों, दूध, अनाज और फलों से मिलती है. छोटे-छोटे बच्चों ने रंग-बिरंगे पोस्टर और नारों से सभी का मन मोह लिया. गर्भवती और धात्री माताओं को समझाया गया कि गर्भावस्था और स्तनपान के दौरान आयरन, कैल्शियम और प्रोटीन का विशेष महत्व है. स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि यदि घर की थाली संतुलित है तो बच्चे कुपोषण से सुरक्षित रहेंगे और समाज स्वस्थ बनेगा. कार्यक्रम के अंत में सभी ने मिलकर संकल्प लिया कि- घर में होगा संतुलित आहार, तभी साकार होगा स्वस्थ भारत का सपना.
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