Madhubani News : प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करें, गांव में चलाया जा रहा अभियान

प्लास्टिक ने जहां इंसान के जीवन को आसान बनाया है, वहीं पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक साबित हो रहा है.

मधुबनी. प्लास्टिक ने जहां इंसान के जीवन को आसान बनाया है, वहीं पर्यावरण के लिए अत्यंत घातक साबित हो रहा है. विशेष रूप से सिंगल यूज प्लास्टिक जल्दी समाप्त नहीं होता है. आज हम खाना पैक करने, पानी लेने, सब्जी लेने के लिए इसका इस्तेमाल करते हैं, लेकिन इसमें खाना रखने से हमारे स्वास्थ्य को अत्यधिक नुकसान पहुंचता है. जिले में सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने का बड़ा अभियान शुरू किया गया है. मधुबनी जिले के ग्राम पंचायतों में यह मुहिम चलायी जा रही है. यह अभियान 22 मई से 5 जून तक चलेगा. इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मिट्टी में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण को रोकना है. प्लास्टिक की वजह से मिट्टी में पानी का रिचार्ज कम हो रहा है और फसलों का उत्पादन प्रभावित हो रहा है. विदित हो कि आगामी पांच जून को विश्व पर्यावरण दिवस है. इसे लेकर शृंखला कार्यक्रम शुरू किया गया है. इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता रैली निकाली जा रही है. जिसमें विद्यालय के छात्र भी शामिल हो रहे हैं. विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के आलोक में प्लास्टिक प्रदूषण समाप्त करें थीम पर 22 मई से पांच जून तक अभियान चलाया जाना है. इस दौरान प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर अलग-अलग दिन कई कार्यक्रम किये जा रहे हैं. इस दौरान जागरूकता कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, प्रभात फेरी, कार्यशाला और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जायेगी. अभियान का मुख्य मकसद एकल-उपयोग प्लास्टिक (सिंगल यूज प्लास्टिक) को समाप्त करने, पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर केंद्रित है. मिशन लाइफ के तहत जागरूकता जरूरी यह अभियान ‘मिशन लाइफ’ (पर्यावरण के लिए जीवन शैली) से जुड़ा हुआ है, जो पर्यावरण संरक्षण और स्थिरता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने के लिए सतत जीवनशैली अपनाने और सामूहिक प्रयास करने की जरूरत है. सभी लोगों को ‘मेरी लाइफ’ पोर्टल पर अपनी गतिविधियों का विवरण साझा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. विश्व पर्यावरण दिवस का है महत्व हर साल 5 जून को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावरण दिवस का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के लिए वैश्विक जागरूकता और कार्रवाई को बढ़ावा देना है. इस वर्ष का मुख्य संदेश ‘एकल प्रयोग प्लास्टिक को न कहें’ है. इस अभियान के तहत प्लास्टिक प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाना, एकल उपयोग प्लास्टिक के उत्पादन और उपयोग में कमी लाना और प्लास्टिक कचरे के प्रबंधन के लिए दीर्घकालिक विकल्पों का विकास करना शामिल किया गया है. ये उत्पाद आते हैं सिंगल यूज प्लास्टिक में सिंगल यूज प्लास्टिक उत्पाद वह होते हैं जो एक बार प्रयोग में लाए जाने के बाद फेंक दिया जाता है. जैसे डिस्पोजल गिलास, पैकेजिंग मैटेरियल, लिफाफे, प्लास्टिक बैग को शामिल किया गया है. इनका प्रयोग बड़ी संख्या में इन दिनों किया जा रहा है. वर्तमान में हर वस्तु पैकेजिंग मैटेरियल में लिपटी हुई बाजार में उपलब्ध है. ऐसे में इनके प्रयोग के बाद सिंगल यूज प्लास्टिक का कचरा पर्यावरण के लिए बड़ी समस्या बनती जा रही है. क्या कहते हैं अधिकारी उप विकास आयुक्त दीपेश कुमार ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस को लेकर कई जागरूकता पूर्ण कार्यक्रमों का आयोजन पांच जून तक किया जाएगा. इसके लिए सभी बीडीओ को निर्देशित किया गया है. इसके पीछे उद्देश्य यह है कि लोग सिंगल यूज प्लास्टिक के प्रयोग करने से बचें. समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाएं.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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