मधुबनी. भीषण गर्मी व कड़ी धूप की असर से शहर सहित जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है. जिसके कारण शहर में चापाकल पानी देना बंद कर दिया है. जिसकी वजह से लोग डब्बा बंद पानी पर निर्भर हो गए हैं. पानी के लिए शहर में आधा दर्जन से अधिक प्लांट लगा हुआ है.अमृत धारा प्लांट के संचालक संजय कुमार ने कहा कि पिछले एक सप्ताह से पानी की खपत बढ़ गयी है. पानी की खपत बढ़ने व स्टाफ की कमी के कारण लोगों को प्लांट पर आकर पानी खरीदना पड़ रहा है. प्लांट चलाने वाले लोगों को होम डिलेवरी देना लगभग बंद कर दिया है. खपत में अचानक वृद्धि होने के कारण जार की भी कमी हो गयी है. शहर में अभी तीन हजार से अधिक जार के पानी की बिक्री हो रही है.
जार निर्माण कंपनी नहीं कर रही डिमांड की आपूर्ति
प्लांट के संचालक ने कहा है कि पटना में एआर कंपनी जार बनाती है. कंपनी जार का आर्डर लेना बंद कर दिया है. साथ ही जार की कीमत 30 से 40 रुपये बढ़ा दी है. जबकि पेट जार का डब्बा भी नहीं मिल रहा है. पेटजार जो पहले 130 रुपये में मिलता था वह अभी 165 से 170 रुपये में बिक रही है. चुनाव को लेकर भी बढ़ी खपत प्लांट संचालक ने कहा कि है चुनाव को लेकर भी पानी की खपत में वृद्धि हो गयी है. प्लांट संचालक ने कहा कि चुनाव को लेकर शिवगंगा बालिका विद्यालय में बने कोषांग में 25 जार प्रतिदिन खपत हो रहा है. जबकि ईवीएम कोषांग में 15 जार, गिरधर पब्लिक लाइब्रेरी में 15 जार, निर्वाचन कोषांग में 10 जार, मीडिया कोषांग में 4 जार, डीआरडीए स्थित पोस्टल बैलेट कोषांग में 5 जार, आरके कॉलेज में 20 जार व नगर निगम में बने कंट्रोल रूम में 10 जार पीने की पानी की आपूर्ति प्रत्येक दिन की जा रही है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
