मधुबनी से अनिल कुमार झा की रिपोर्ट
Dengue alert: मानसून के आगमन के साथ ही जिले में डेंगू एवं चिकनगुनिया के प्रसार की संभावना बढ़ गई है. इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है. विभाग ने रोकथाम और नियंत्रण को लेकर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है.
गुरुवार को जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ डीएस सिंह ने डेंगू मरीजों की एनएस-1 जांच के लिए स्थापित एलाइजा रीडर मशीन का निरीक्षण किया. उन्होंने संबंधित कर्मियों को मशीन को पूरी तरह दुरुस्त रखने का निर्देश दिया ताकि संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच कर इलाज शुरू किया जा सके.
अस्पतालों में बेड और दवा व्यवस्था के निर्देश
डॉ डीएस सिंह ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए सभी अस्पतालों में विशेष तैयारी की गई है. सदर अस्पताल में 8 बेड, अनुमंडलीय अस्पतालों में 4-4 बेड तथा सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में 2-2 बेड डेंगू वार्ड के लिए सुरक्षित रखने का निर्देश दिया गया है.
सभी बेड को एंटी मच्छरदानी युक्त रखने और पर्याप्त मात्रा में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है. साथ ही मरीज मिलने पर उनके घर के 500 मीटर क्षेत्र में फॉगिंग कराने का निर्देश दिया गया है.
जुलाई होगा एंटी डेंगू माह
स्वास्थ्य विभाग ने जुलाई माह को एंटी डेंगू माह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है. इस दौरान जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और आम लोगों को मच्छर प्रजनन रोकने के उपायों के बारे में जानकारी दी जाएगी.
विद्यालयों में क्विज, ड्राइंग और लेखन प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को डेंगू से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा.
एडीज मच्छर से फैलता है डेंगू
डॉ डीएस सिंह ने बताया कि डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलता है, जो साफ और स्थिर पानी में पनपता है. उन्होंने कहा कि तेज बुखार, सिर दर्द, बदन दर्द, जोड़ों में दर्द और आंखों के पीछे दर्द इसके प्रमुख लक्षण हैं.
उन्होंने सलाह दी कि लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराना चाहिए. साथ ही दिन में भी मच्छरदानी का उपयोग और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने की सलाह दी गई है.
यह भी पढ़े: पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ कांग्रेस का आंदोलन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
