मधुबनी: अनजान ऐप डाउनलोड करना पड़ सकता है भारी, साइबर डीएसपी ने जारी की चेतावनी

Excerpt: साइबर डीएसपी अंकुर कुमार ने लोगों को चेतावनी दी है कि अनजान व्यक्ति के कहने पर AnyDesk, TeamViewer जैसे ऐप डाउनलोड करना खतरनाक साबित हो सकता है. ऐसे ऐप के जरिए साइबर ठग मोबाइल और बैंक खाते तक पहुंच बना सकते हैं. पढ़ें पूरी खबर...

मधुबनी से कार्तिक कुमार की रिपोर्ट

Madhubani News: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मधुबनी साइबर डीएसपी अंकुर कुमार ने आम लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है. उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लगातार नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं. विशेष रूप से केवाईसी अपडेट, बैंक खाता सत्यापन, रिवॉर्ड, सब्सिडी, लोन या अन्य आकर्षक ऑफर का झांसा देकर लोगों के मोबाइल में विभिन्न प्रकार के ऐप इंस्टॉल कराए जा रहे हैं. इसके बाद अपराधी मोबाइल और बैंक खातों तक पहुंच बना लेते हैं.

रिमोट एक्सेस ऐप से हासिल कर लेते हैं मोबाइल का नियंत्रण

साइबर डीएसपी ने बताया कि ठग अक्सर AnyDesk, TeamViewer, QuickSupport और अन्य स्क्रीन शेयरिंग या रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाकर मोबाइल का नियंत्रण अपने हाथ में ले लेते हैं. एक बार मोबाइल तक पहुंच मिलने के बाद अपराधी बैंकिंग ऐप, यूपीआई, सोशल मीडिया अकाउंट और अन्य निजी जानकारियों का दुरुपयोग कर सकते हैं.

व्हाट्सएप हैकिंग से लेकर बैंक खाते से निकासी तक का खतरा

उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में पीड़ितों का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो सकता है. बैंकिंग और यूपीआई संबंधी गोपनीय जानकारी चोरी हो सकती है. ओटीपी और पासवर्ड लीक होने के साथ बैंक खातों से अवैध निकासी की घटनाएं भी सामने आती हैं. कई बार साइबर अपराधी पीड़ित की पहचान का इस्तेमाल कर अन्य लोगों के साथ भी धोखाधड़ी करते हैं.

बैंक कभी नहीं कहता ऐसा ऐप डाउनलोड करने को

साइबर डीएसपी अंकुर कुमार ने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में कोई ऐप इंस्टॉल नहीं करना चाहिए. बैंक, वित्तीय संस्थान या सरकारी एजेंसियां कभी भी फोन कर ग्राहकों से रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करने के लिए नहीं कहती हैं. यदि कोई व्यक्ति ऐसी मांग करता है तो उसे तुरंत संदिग्ध मानते हुए कॉल समाप्त कर दें.

उन्होंने लोगों से किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, सीवीवी नंबर, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने की अपील की. साथ ही केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही एप्लिकेशन डाउनलोड करने और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने की सलाह दी.

जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव

साइबर डीएसपी ने कहा कि साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता सबसे बड़ा हथियार है. छोटी-सी सावधानी लोगों को आर्थिक नुकसान, मानसिक तनाव और पहचान संबंधी धोखाधड़ी से बचा सकती है. उन्होंने नागरिकों से स्वयं जागरूक बनने और परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की.

सुरक्षा के लिए याद रखें

  • किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप इंस्टॉल न करें.
  • ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन और पासवर्ड किसी से साझा न करें.
  • केवल आधिकारिक ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें.
  • संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सतर्क रहें.
  • साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.

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लेखक के बारे में

Published by: Sarfaraz Ahmad

सरफराज अहमद IIMC से प्रशिक्षित पत्रकार हैं. राजनीति, समाज और हाइपरलोकल मुद्दों पर लिखते हैं. क्रिकेट और सिनेमा में गहरी रुचि रखते हैं. बीते तीन वर्षों से मीडिया क्षेत्र में सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ कार्यरत हैं।

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