Drinking Water Crisis: प्रखंड क्षेत्र में गहराते पेयजल संकट, नल-जल योजना की बदहाल स्थिति और लगातार बिजली कटौती के खिलाफ प्रखंड कांग्रेस कमेटी की ओर से शनिवार को बेनीपट्टी प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया. धरना के दौरान कांग्रेस नेताओं ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए लोगों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की.
नल-जल योजना पर उठाये सवाल
मधुबनी जिला कांग्रेस के पूर्वी अध्यक्ष नलिनी रंजन झा ने कहा कि नल-जल योजना का उद्देश्य प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना था, लेकिन आज भी बेनीपट्टी के लोग पानी के लिए परेशान हैं. उन्होंने कहा कि नल सूखा है और जनता प्यासी है. सरकार टैंकर से पानी पहुंचाकर व्यवस्था की तस्वीर दिखा रही है, जबकि लोगों को तस्वीर नहीं बल्कि नल से पानी चाहिए.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बेनीपट्टी के कई गांवों में पेयजल की समस्या गंभीर बनी हुई है. गर्मी और लगातार बिजली कटौती के कारण जलापूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है.
टैंकर से जलापूर्ति की जांच की मांग
अभिषेक झा ने कहा कि टैंकर से पानी उपलब्ध कराना आपातकालीन व्यवस्था हो सकती है, लेकिन इसे नल-जल योजना का स्थायी विकल्प नहीं बनाया जा सकता. उन्होंने टैंकर से जलापूर्ति पर होने वाले खर्च, कार्यादेश और भुगतान की पारदर्शी जांच कराने की मांग की.
कलुआही प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष सुनील झा समेत अन्य नेताओं ने पोखर, कुआं और दूसरे पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन की आवश्यकता बतायी. उन्होंने पेयजल संकट के स्थायी समाधान के लिए जल स्रोतों को बचाने और नल-जल योजना को प्रभावी ढंग से संचालित करने की मांग की.
धरना में बैद्यनाथ झा, पूर्व प्रखंड अध्यक्ष कौशल किशोर चौधरी, सतीश पासवान, आलोक पासवान, मो. मौसीर, सुधीर झा, मनीष झा, प्रदीप झा मुन्ना, गोविंद झा, विजय कृष्ण छोटू, सतीश झा, केशव झा और सुमित झा समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
