Madhubani News : हमारा गांव हम ही संवारे अभियान से गांव में दिख रहा बदलाव

जिले में ग्रामीण विकास को नयी दिशा देने के उद्देश्य से “हमारा गांव हम ही संवारे” अभियान तेजी से चलाया जा रहा है.

मधुबनी.

जिले में ग्रामीण विकास को नयी दिशा देने के उद्देश्य से “हमारा गांव हम ही संवारे” अभियान तेजी से चलाया जा रहा है. इस अभियान का मकसद है कि गांववासी खुद आगे बढ़कर गांव को स्वच्छ, सुंदर और विकसित बनाए. अभियान के तहत पंचायत स्तर पर साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, पेड़-पौधे लगाना, सड़क किनारे गड्ढों की मरम्मत, सरकारी भवनों की रंगाई-पुताई और स्कूल-आंगनबाड़ी केंद्रों के सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है. ग्रामीण भी इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. कई जगहों पर युवाओं ने श्रमदान कर नालियों की सफाई की तो महिलाओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों को सजाने का जिम्मा उठाया. स्थानीय लोगों के इस पहल से न केवल गांवों का वातावरण स्वच्छ और आकर्षक बन रहा है बल्कि लोगों में आपसी सहयोग और जिम्मेदारी की भावना भी मजबूत हो रही है.

गांवों का वातावरण बन रहा स्वच्छ और आकर्षक

प्रशासन का कहना है कि यह अभियान ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. अगर हर गांव इसी तरह अपनी जिम्मेदारी समझे तो विकास कार्यों में तेजी आएगी और गांव आत्मनिर्भर बनेंगे. गांववासियों का कहना है कि यह अभियान उन्हें अपना गांव संवारने और अगली पीढ़ी के लिए बेहतर वातावरण देने का अवसर दे रहा है. धीरे-धीरे यह अभियान जन-आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है.

अभियान से गांव की बन रही नयी पहचान

“हमारा गांव हम ही संवारे” अभियान ने गांव की किस्मत ही बदल दी है. जहां पहले गली-कूचे कीचड़ और गंदगी से भरे रहते थे, वहीं आज वही रास्ते चमचमा रहे हैं. दीवारों पर सुंदर चित्रकारी, सड़क किनारे लगी हरियाली और साफ-सुथरा माहौल गांव की नयी पहचान बन गया है. इस बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बने खुद गांव के लोग. युवाओं ने कंधे से कंधा मिलाकर सफाई की, महिलाएं घर-घर जाकर जागरूकता फैला रही रहीं, बुजुर्गों ने अनुभव से मार्गदर्शन दिया और बच्चों ने रंगोली और चित्रकला से गांव को सजा रहे हैं.

पंचायत और प्रशासन की मदद से हो रहा काम

नालों की सफाई, चापाकलों की मरम्मत, सोलर लाइट की व्यवस्था और सामुदायिक भवन की रंगाई-पुताई की जा रही है. अब गांव के लोग गर्व से कहते हैं – अब हमें किसी और पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं, हम खुद अपने गांव के विकास की राह बना सकते हैं. यह अभियान न केवल स्वच्छता और सुंदरता की मिसाल बना, बल्कि आत्मनिर्भरता और सामूहिकता का अद्भुत उदाहरण भी पेश किया है. आस-पास के गांव भी अब इस पहल से प्रेरणा लेकर अपने-अपने गांव को सजाने-संवारने की तैयारी में जुटे हैं.

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Author: GAJENDRA KUMAR

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