मधुबनी.
राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस हर साल 7 नवंबर को मनाया जाता है. इसका उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान व उपचार के बारे में लोगों को जागरूक करना है. इसी क्रम में शुक्रवार को सदर अस्पताल स्थित एनसीडी क्लीनिक में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता सप्ताह की शुरुआत एनसीडीओ डॉ. एसएन झा ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जिले में गुटखा, पान मसाला और तंबाकू निर्मित उत्पादों के सेवन करने वाले बहुतायत संख्या में हैं. इसमें अधिकांश लोगों में ओरल कैंसर के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देते हैं. यही स्थिति महिलाओं में स्तन कैंसर की भी है. समय रहते इसके प्रारंभिक लक्षणों को लोग पहचान कर अपना इलाज शुरू करें तो उन्हें भविष्य में होने वाली परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों की पहचान होने से मरीज का समय से इलाज संभव है. वहीं ओरल व ब्रेस्ट कैंसर की प्रारंभिक पहचान मरीज स्वयं कर सकते हैं. इसके लिए लक्षणों की पहचान जरूरी है.महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले अधिक
एनसीडीओ डॉ. एसएन झा ने कहा कि, आज के परिवेश में महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर के मामले अधिक आने लगा हैं. इसके तहत स्तन में गांठ पड़ना, स्तन में दर्द एवं खुजली होना, स्तन की त्वचा में गड्ढे पड़ना, त्वचा पर नारंगी रंग के चकत्ते पड़ना आदि स्तन कैंसर के प्रमुख लक्षण हैं. समय-समय पर स्तनों की खुद से जांच कर स्तन कैंसर से बचा जा सकता है. अल्ट्रासाउंड या मैमोग्राम के द्वारा इस बीमारी का पता लगाया जाता है. जितनी जल्दी कैंसर का पता चलता है, उसी अनुसार शत-प्रतिशत सफल इलाज होने की संभावना बढ़ जाती है. डॉक्टर झा ने कहा कि 7 नवंबर से 13 नवंबर तक सदर अस्पताल सहित जिला के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता सप्ताह के तहत शिविर का आयोजन किया जाएगा.लाइलाज नहीं है कैंसर
डॉक्टर एसएन झा ने बताया कि कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं है. सही समय पर इसका इलाज कराने से कैंसर को हराया जा सकता है. सदर अस्पताल स्थित एनसीडी क्लिनिक में होमी भाभा कैंसर इकाई की डॉ. रिया कश्यप ने कहा कि जिले में नवंबर 2022 से अक्टूबर 2025 तक 40 हजार से अधिक मरीजों का कैंसर स्क्रीनिंग किया गया है. जिसमें 550 सस्पेक्ट एवं 35 हाईली सस्पेक्ट कैंसर मरीज पाए गए हैं. डॉक्टर. रिया ने कहा कि सस्पेक्टेड मरीजों को 15 दिनों एवं हाईली सस्पेक्टेड कैंसर मरीजों को एक सप्ताह पर फालोअप किया जाता है. इसके अलावा दो कन्फर्म कैंसर के चिन्हित मरीजों, इसमें एक सर्वाइकल कैंसर तथा एक ओरल कैंसर मरीज को इलाज के लिए होमी भाभा कैंसर इकाई मुजफ्फरपुर भेजा गया है.प्रचार-प्रसार के लिए की जा रही माइकिंग
जिले में आयोजित होने वाले निःशुल्क कैंसर रोग परामर्श सप्ताह की जानकारी के लिए पूर्व से माइकिंग के जरिए प्रसारित किया जा रहा है. साथ ही शिविरों में विशेष टीम, अनिवार्य ड्रेस कोड एवं आवश्यक उपकरण, जांच किट के माध्यम से कैंसर की स्क्रीनिंग और प्रचार-प्रसार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है. इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉक्टर डीएस सिंह होमी भाभा कैंसर ईकाई की डॉक्टर रिया कश्यप एनसीडीओ कार्यालय के प्रधान लिपिक लक्ष्मीकांत झा सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
