सावन माह की चौथे सोमवारी के अवसर पर जिले का शिवालय बोल बम का नारा है, बाबा भोलेनाथ ही सहारा है, कखन हरब दुख मोर हे भोलानाथ, एहि भवसागर थाह कतहु नहि, शिव हो उतरब पार कओन विधि ना जैसे गीतों से गुंजायमान हो उठा.
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
मधुबनी. सावन माह की चौथे सोमवारी के अवसर पर जिले का शिवालय बोल बम का नारा है, बाबा भोलेनाथ ही सहारा है, कखन हरब दुख मोर हे भोलानाथ, एहि भवसागर थाह कतहु नहि, शिव हो उतरब पार कओन विधि ना जैसे गीतों से गुंजायमान हो उठा. शिव का जलाभिषेक करते कांवरिये उन्हें अपनी व्यथा सुनाकर सकल परिवार के लिए मंगलकामना करते दिखे. सावन माह के चौथे सोमवारी के अवसर पर शहर सहित जिले के शिवालयों में जलाभिषेक व पूजा-अर्चना के लिए शिव भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी. जिसे संभालने में मंदिर प्रबंधन व पुलिस प्रशासन को काफी मशक्कत करते दिखे. कांवरिये शिव का जलाभिषेक कर निष्ठापूर्वक पूजा-अर्चना की और पुण्य के भागी बने. इससे पहले रविवार को हजारों की संख्या में कांवरिये जयनगर स्थित कमला नदी से जल लेकर निकल पड़े जिले के शिवालयों की ओर. इनमें से सबसे अधिक कांवरिये प्रसिद्ध कपिलेश्वर पहुंच बाबा कपिलेश्वर नाथ का जलाभिषेक किया. वहीं जिला मुख्यालय के महादेव मंदिर, सोमेश्वरनाथ मंदिर, मंगरौनी स्थित एकादशरूद्र शिव मंदिर, भवानीपुर स्थित उग्रनाथ शिव मंदिर, रहिका स्थित उर्वशीनाथ मंदिर, लोहा स्थित बतहूनाथ सहित जिले के अन्य शिवालय व कांवरिया पथ महादेव विषयक गीत व जयकारे से गूंजायमान हो उठा. सावन माह के चौथे सोमवारी के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण प्रतिनियुक्त किया गया था. जो हर आने-जाने वालों पर नजर रखे हुए थे. शिव मंदिर में पुलिस कांवरियों को कतार में खड़ाकर जलाभिषेक करने में सहयोग करते दिखे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।