मधुबनी: ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, 5 घंटे तक हंगामा

बेनीपट्टी के एक निजी नर्सिंग होम में ऑपरेशन के बाद प्रसूता की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव रखकर पांच घंटे तक हंगामा किया और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर…

मधुबनी के बेनीपट्टी से धनंजय कुमार धीरज की रिपोर्ट

Madhubani News: बेनीपट्टी अनुमंडल मुख्यालय के बेहटा स्थित ज्योत्सना आरोग्य निकेतन नामक निजी नर्सिंग होम में प्रसव के बाद एक प्रसूता की मौत हो जाने के बाद रविवार को जमकर हंगामा हुआ. आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में शव रखकर करीब पांच घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया और तोड़फोड़ की. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे रहे.

ऑपरेशन के बाद बिगड़ी हालत, दरभंगा रेफर

मृतका की पहचान रहिका थाना क्षेत्र के डुमरी गांव निवासी संजय चौपाल की 32 वर्षीय पत्नी काजल देवी के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार काजल देवी करीब 10 दिन पहले अपने मायके खिरहर थाना क्षेत्र के सोनई गांव आई थीं.

बताया गया कि 28 मई को परिजन उन्हें प्रसव के लिए बेहटा स्थित ज्योत्सना आरोग्य निकेतन अस्पताल लेकर पहुंचे थे. अस्पताल में ऑपरेशन के बाद उन्होंने एक पुत्र को जन्म दिया. परिजनों के अनुसार उसी रात उनकी हालत बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में दरभंगा रेफर कर दिया गया.

दो दिन इलाज के बाद हुई मौत

परिजन प्रसूता को इलाज के लिए दरभंगा के आरबी मेमोरियल अस्पताल ले गए, जहां दो दिनों तक इलाज चला. परिजनों का कहना है कि अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण चार यूनिट खून भी चढ़ाया गया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद शनिवार रात उनकी मौत हो गई.

मौत की सूचना के बाद परिजनों का आक्रोश फूट पड़ा और वे शव लेकर बेनीपट्टी स्थित निजी नर्सिंग होम पहुंच गए.

अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप

मृतका के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल संचालक डॉ. राम उदगार राम की पत्नी विभा कुमारी, जो चिकित्सक नहीं हैं, उनके द्वारा ऑपरेशन किया गया. परिजनों का कहना है कि इलाज में लापरवाही और गलत चिकित्सकीय प्रक्रिया के कारण प्रसूता की मौत हुई.

आक्रोशित लोगों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया और तोड़फोड़ की घटना को भी अंजाम दिया.

पुलिस और प्रशासन ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही एसडीपीओ अमित कुमार, पुलिस निरीक्षक नीरज कुमार वर्मा, थानाध्यक्ष शिव शरण साह, सीओ अभिषेक आनंद समेत कई पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे.

प्रशासन ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन शव का पोस्टमार्टम कराने से इंकार करते रहे और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे.

दोनों पक्षों ने दर्ज कराई प्राथमिकी

मृतका की ननद ने बेनीपट्टी थाना में आवेदन देकर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही, गैर-चिकित्सक द्वारा ऑपरेशन करने और परिजनों के साथ मारपीट कराने का आरोप लगाया है.

वहीं ज्योत्सना आरोग्य निकेतन प्राइवेट लिमिटेड की संचालक सह प्रबंधक विभा कुमारी ने भी मृतका के परिजनों समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया है. आवेदन में अस्पताल में तोड़फोड़, उपद्रव, रंगदारी मांगने, जातिसूचक शब्दों के प्रयोग और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है.

गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे परिजन

खबर लिखे जाने तक अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ था. आक्रोशित लोग कथित रूप से ऑपरेशन करने वाले व्यक्ति और इलाज में लापरवाही बरतने वालों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे.

पुलिस ने दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है.

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Published by: Sarfaraz Ahmad

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