Araria Sangram Trauma Centre: अररिया संग्राम स्थित ट्रॉमा सेंटर को आधुनिक उपकरणों और बेहतर आधारभूत संरचना से लैस करने की कवायद शुरू हो गयी है. इसके लिए बीएमएसआईसीएल के क्षेत्रीय सहायक अभियंता ने 26 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार कर भेजा है. ट्रॉमा सेंटर के जीर्णोद्धार के बाद एनएच-57 पर होने वाले सड़क हादसों में घायल मरीजों को बेहतर और त्वरित चिकित्सा सुविधा मिलने की उम्मीद है.
26 लाख रुपये से होगा ट्रॉमा सेंटर का जीर्णोद्धार
ट्रॉमा सेंटर के आधुनिकीकरण के लिए 26 लाख रुपये का प्राक्कलन तैयार किया गया है. हाल में राज्यसभा सांसद संजय झा ने ट्रॉमा सेंटर का निरीक्षण किया था.
निरीक्षण के दौरान सांसद ने कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय से ट्रॉमा सेंटर के जीर्णोद्धार का काम जल्द शुरू कराने का आग्रह किया, ताकि यहां उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का बेहतर संचालन हो सके.
एनएच-57 के हादसा पीड़ितों को मिलेगा लाभ
अररिया संग्राम ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे आपातकालीन सेवा शुरू कर दी गयी है. एनएच-57 पर होने वाले सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने में यह केंद्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. आपातकालीन सेवा के लिए चार विशेषज्ञ डॉक्टर, सात जीएनएम और पांच स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गयी है.
चार विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे तैनात
ट्रॉमा सेंटर में एक जनरल सर्जन, दो ऑर्थोपेडिक चिकित्सक और एक मेडिसिन विशेषज्ञ की स्थायी तैनाती की गयी है. इसके अलावा 24 घंटे सेवा के लिए सात जीएनएम, पांच स्वास्थ्य कर्मी, एक लिपिक, एक ड्रेसर, दो लैब टेक्नीशियन और दो चतुर्थ वर्गीय कर्मी भी तैनात रहेंगे.
सुरक्षा और साफ-सफाई की भी व्यवस्था
मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए ट्रॉमा सेंटर में छह सुरक्षा गार्ड तैनात किये गये हैं. टेलीफोन और साफ-सफाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गयी है. साल 2010-12 में निर्मित इस ट्रॉमा सेंटर को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर दोबारा बेहतर तरीके से संचालित करने की तैयारी है.
24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध
सिविल सर्जन डॉ. हरेंद्र कुमार ने बताया कि 26 लाख रुपये की लागत से ट्रॉमा सेंटर की आधारभूत संरचना को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा. यहां सातों दिन 24 घंटे एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध करायी गयी है.
उन्होंने बताया कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद आवश्यकता के अनुसार उच्च चिकित्सा संस्थानों में सुरक्षित रेफर किया जा सकेगा.
जिला स्वास्थ्य समिति को ट्रॉमा सेंटर की सभी सुविधाएं हर हाल में चालू रखने के निर्देश दिये गये हैं, ताकि मरीजों को इलाज के लिए परेशानी का सामना न करना पड़े.
