Madhubani News: अंधराठाढ़ी प्रखंड के हरड़ी उच्च विद्यालय परिसर में बन रहा दो मंजिला विद्यालय भवन पिछले 16 वर्षों से अधूरा पड़ा है. उपयोग में आने से पहले ही भवन की हालत खराब होने लगी है. खिड़कियां, दरवाजे और चौखट अब तक नहीं लगाए गए हैं, जबकि कई जगह फर्श टूटने लगा है और छत का प्लास्टर भी झड़ रहा है. भवन की मौजूदा स्थिति सरकारी योजनाओं की निगरानी और रखरखाव पर सवाल खड़े कर रही है.
2010 में हुआ था शिलान्यास
विद्यालय परिसर में लगे शिलापट्ट के अनुसार 26 लाख रुपये की लागत से इस भवन का शिलान्यास 15 जुलाई 2010 को तत्कालीन मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया था. भवन का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग, कार्य प्रमंडल-2 के माध्यम से कराया जा रहा है. कार्यकारी एजेंसी आरडीडब्ल्यू, झंझारपुर है.
हालांकि, निर्माण कार्य वर्षों पहले रुक गया और आज तक पूरा नहीं हो सका.
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दो कमरों में चल रही पढ़ाई
प्रभारी प्रधानाध्यापक पप्पू कुमार यादव ने बताया कि विद्यालय में नौवीं से बारहवीं तक 419 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं. इनके लिए 27 शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन पढ़ाई के लिए केवल दो कमरे उपलब्ध हैं.
उन्होंने कहा कि अधिक उपस्थिति होने पर बच्चों को पुराने जर्जर भवन में बैठाकर पढ़ाना पड़ता है. परीक्षा के दौरान स्थिति और अधिक कठिन हो जाती है.
विभाग को कई बार दी गई जानकारी
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य एवं हरड़ी पैक्स अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी ने आरोप लगाया कि संवेदक और संबंधित विभाग की लापरवाही के कारण भवन अधूरा छोड़ दिया गया.
उन्होंने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई, लेकिन अब तक निर्माण कार्य पूरा कराने की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई.
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बीडीओ ने जांच का दिया आश्वासन
मामले पर अंधराठाढ़ी के बीडीओ राकेश रौशन ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है. भवन किस विभाग के अधीन बन रहा है और निर्माण कार्य इतने वर्षों से अधूरा क्यों है, इसकी जांच कराई जा रही है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
