मधुबनी न्यूज: किसानों और कृषि से जुड़े लोगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की ओर से 17 अगस्त को जिले में विशेष कृषि ऋण आउटरीच कैंप लगाया जाएगा. जिले की सभी 20 शाखाओं के माध्यम से आयोजित होने वाले इस कैंप में पात्र लाभुकों के ऋण आवेदनों पर कार्रवाई की जाएगी.
20 शाखाओं में एक साथ होगा आयोजन
अग्रणी जिला प्रबंधक गजेंद्र मोहन झा ने बताया कि कैंप के दौरान कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों से जुड़ी विभिन्न ऋण योजनाओं के तहत आवेदन लिये जाएंगे. पात्र आवेदनों की प्रक्रिया पूरी कर ऋण की स्वीकृति और वितरण की कार्रवाई की जाएगी.
बैंक की सभी 20 शाखाओं को इस विशेष कैंप से जोड़ा गया है. इसका उद्देश्य जिले के किसानों और ग्रामीण क्षेत्र में कृषि आधारित कारोबार करने वाले लोगों तक बैंकिंग सुविधाओं को आसानी से पहुंचाना है.
किसान क्रेडिट कार्ड से लेकर पशुपालन तक लोन
कैंप में किसानों और कृषि उद्यमियों के लिए कई तरह की ऋण योजनाओं की जानकारी और सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी. इनमें किसान क्रेडिट कार्ड, एसएचजी, गव्य विकास, मत्स्य पालन, पशुपालन और मुर्गी पालन से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं.
इसके अलावा ग्रामीण भंडारण और फूड प्रोसेसिंग जैसी गतिविधियों के लिए भी ऋण की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी. इससे खेती के साथ-साथ उससे जुड़े व्यवसाय को शुरू करने या विस्तार देने वाले लोगों को वित्तीय मदद मिलने की उम्मीद है.
कृषि उद्यमियों के लिए भी मौका
बैंक की ओर से कृषि क्षेत्र से जुड़े उद्यमियों और ग्रामीण व्यवसाय करने वाले लोगों से भी कैंप का लाभ उठाने की अपील की गयी है. ग्रामीण क्षेत्रों में खेती के अलावा डेयरी, मछली पालन, पशुपालन, मुर्गी पालन और खाद्य प्रसंस्करण जैसे व्यवसाय करने वालों के लिए भी ऋण योजनाएं उपलब्ध हैं.
बैंक अधिकारियों के अनुसार कृषि क्षेत्र में पूंजी की जरूरत को पूरा करने के उद्देश्य से यह पहल की जा रही है. इससे किसानों को अपनी जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता हासिल करने में सुविधा होगी.
निकटतम शाखा में कर सकते हैं संपर्क
अग्रणी जिला प्रबंधक ने जिले के किसानों, कृषि उद्यमियों और ग्रामीण व्यवसाय से जुड़े लोगों से 17 अगस्त को अपनी निकटतम सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा से संपर्क करने की अपील की है. इच्छुक लोग अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित कृषि ऋण योजना की जानकारी लेकर आवेदन कर सकते हैं.
बैंक का प्रयास है कि कैंप के माध्यम से कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए अधिक से अधिक पात्र लोगों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाए.
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