मधेपुर.
रहुआ संग्राम स्थित पारसमणि धाम में चल रहे महारुद्र यज्ञ एवं शिव महापुराण कथा के पंचम दिवस पर शुक्रवार को वैदिक मंगल ध्वनि व भक्तिरस से वातावरण शिवमय हो गया. महारुद्र यज्ञ के मुख्य यजमान के रूप में अभयानंद नाथ जी महाराज ने स्वयं यज्ञ में आहुति दी. जबकि दैनिक पूजन यजमान के रूप में बाबा पीठ कर्णपुर से पधारे सुबोध पाठक जी ने धर्मपत्नी संग पूजन किया. यज्ञ की वैदिक विधि आचार्य रतन, तंत्राचार्य पंकज व आचार्य चंदन (ब्रह्मा रूप में) के मार्ग दर्शन में हुई. यज्ञ में 11 वैदिक पंडितों ने मंत्रोच्चारण के साथ आहुति दीं. जिससे पारसमणि धाम का वातावरण अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया. सायंकालीन सत्र में कथा व्यास आचार्य शुकदेवानंद नाथ जी महाराज ने शिव विवाह प्रसंग का अत्यंत हृदयस्पर्शी वर्णन किया. उन्होंने कहा कि “भगवान शिव का विवाह यह दर्शाता है कि जीवन में प्रेम, त्याग और धर्म का संतुलन बनाए रखना ही सच्चा गृहस्थ जीवन है. माता पार्वती की साधना हमें यह सिखाती है कि सच्ची निष्ठा से किया गया. कथा के समापन पर कलाकार दशरथ मंगल पांडे और प्रिया ने शिव विवाह की झांकी प्रस्तुत की. जिसने पूरे पंडाल को भक्ति रस में सराबोर कर दिया. आयोजन में नुनु झा, हरिश्चंद्र झा, विनोद जी, शंकर झा, नारायण झा, इंद्रदेव ठाकुर सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित थे.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
