राष्ट्रहित में योगदान दे वैश्य समाज

समारोह . समाज को एकजुट करना ही वैश्य महासभा का मूल उद्देश्य... समाज के एकजुट होने पर ही िमलेगी हिस्सेदारी भामा साह के पदचिह्नों पर चलने का किया आह्वान जयंती पर याद िकये गये भामा साह सकरी/पंडौल : राष्ट्रीय वैश्य महासभा मधुबनी जिला इकाई के द्वारा भामाशाह जयंती समारोह का आयोजन पंडौल बाजार के सामुदायिक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 24, 2017 12:53 AM

समारोह . समाज को एकजुट करना ही वैश्य महासभा का मूल उद्देश्य

समाज के एकजुट होने पर ही िमलेगी हिस्सेदारी
भामा साह के पदचिह्नों पर चलने का किया आह्वान
जयंती पर याद िकये
गये भामा साह
सकरी/पंडौल : राष्ट्रीय वैश्य महासभा मधुबनी जिला इकाई के द्वारा भामाशाह जयंती समारोह का आयोजन पंडौल बाजार के सामुदायिक भवन के परिसर में संपन्न हुई. कार्यक्रम की शुरुआत सभी अतिथियों को पाग, दोपटा व माला पहना कर किया गया.
कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के पूर्व मंत्री राजकुमार महासेठ ने दीप प्रज्वलित कर किया. इसके बाद सभी अतिथियों ने भामाशाह के तैलचित्र पर पुष्पांजलि कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस दौरान पूर्व मंत्री राजकुमार महासेठ ने जन समूह को याद दिलाया कि 16वीं शताब्दी में मुगलों से लड़ाई जारी रखने के लिए भामाशाह ने महाराणा प्रताप को 20 हजार सोने के सिक्के एवं ढाई लाख रुपये की मदद की थी. उनके इसी प्रवृति की वजह से उन्हें धनवान होने के साथ ही दानवीर की संज्ञा भी दी जाती है.
आज के समय में दानवीर भामाशाह हम सभी वैश्य समाज के लिए वह धुरी हैं जो हमें एक मंच पर एकजुट कर दिया है. इसी एकजुटता को बनाये रखने के लिए इस तरह के कार्यक्रम के माध्यम से परस्पर संवाद मिलाप करने की व्यवस्था वैश्य महासभा के द्वारा समय समय पर की जाती है. उन्होंने कहा कि यह एक गैर राजनीतिक संस्था है अतः हमें मंच से राजनीति से परहेज करते हुए वैश्य समाज को एकजुट होने के मूल मकसद की आवश्यकता पर बल देने की जरूरत है.
कार्यक्रम में दिखी समाज की एकता
सहयोग की अपील
वैश्य महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विरेन्द्र चौधरी ने कहा कि भामाशाह एवं महात्मा गांधी के वंशज होने के नाते हमारा भी बहुत फर्ज बनता है. इस देश की अखंडता को बनाये रखने में. उन्होंने राष्ट्रहित के लिये हर क्षेत्र में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए वैश्य समाज की एकजुटता पर बल दिया. महासभा के प्रदेश अध्यक्ष सह स्थानीय विधायक समीर कुमार महासेठ ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि देश के कोने कोने में बसे वैश्य समुदाय के लोग एकजुट हो एक मंच पर आयें और देश की प्रगति में अपनी एक अलग पहचान बनायें. दरभंगा नगर
विधायक संजय सरावगी ने कहा कि आज भामाशाह जयंती के अवसर पर हमें उनके जीवन दर्शन से सीख लेते हुए अनुसरण करने की आवश्यकता है. उनके बताये मार्ग पर चल कर हम समाज को नई दिशा देने में सक्षम होंगे. विधायक अमरनाथ गामी ने वैश्य समाज के एकजुटता को बरकरार रखने पर बल देते हुए कहा कि इसी के माध्यम से हम अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं. पूर्व विधायक अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि वैश्य समाज की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. हमें हमारा उचित मान सम्मान मिलना ही चाहिए,
जिसके लिए एकजुटता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है. कार्यक्रम की अध्यक्षता कपीलदेव साह व मंच संचालन नागेन्द्र राउत ने किया. कार्यक्रम को मीनु गुप्ता, दोरिक पुर्वे, डा. सुरज नायक, डा. भोला नायक, राजेश खर्गा आदि ने संबोधित किया. वहीं मौके पर अरूण महासेठ, निर्मल प्रसाद, शंभु साह, पूर्व सरपंच शिवजी साह, चिंटु मल्लिक, रवि शंकर पुर्वे, दिलिप महतो डीके, संजय महतो, संकेत खर्गा व महावीर साह सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.