मधुबनी : खबर छपने पर नप प्रशासन हरकत में आ गया है. रविवार को नप प्रशासन के अधिकारी आदर्शनगर पहुंच मुहल्ले से जल निकासी के उपाय पर घंटों विचार करने के बाद जलनिकासी की पहल शुरू हुई. हालांकि शुरुआत में इसके लिए किये गये पहल का कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया. पर नप के कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा , वार्ड पार्षद रूमी देवी , मंगरौनी दक्षिणी पंचायत के मुखिया बालेश्वर यादव एवं स्थानीय कुछ लोगों के सार्थक पहल के बाद लोगों की सहमति से जल निकासी की पहल शुरू की गयी.
आदर्श नगर से जलनिकासी की पहल
मधुबनी : खबर छपने पर नप प्रशासन हरकत में आ गया है. रविवार को नप प्रशासन के अधिकारी आदर्शनगर पहुंच मुहल्ले से जल निकासी के उपाय पर घंटों विचार करने के बाद जलनिकासी की पहल शुरू हुई. हालांकि शुरुआत में इसके लिए किये गये पहल का कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध भी किया. पर नप […]

मंगरौनी दक्षिणी पंचायत के नहर में मिलाया जायेगा नाला
लोगों के साथ जल निकासी को लेकर हुए विचार विमर्श के बाद यह निर्णय लिया गया कि नाले की खुदाई की जायेगी . इस नाले को मंगरौनी दक्षिण पंचायत से होकर बहने वाली नहर में मिलाया जायेगा. अनुमान के तहत बताया जा रहा है कि नहर तक नाले को मिलाने में करीब छह हजार फुट की खुदाई करनी होगी. बताया जा रहा है कि आदर्श नगर मुहल्ले का निर्माण करीब पैंतीस साल पहले ही शुरू हो गया था. देखते ही देखते इस मुहल्ला में करीब डेढ सौ घर बन गये और घनी आबादी बस गयी. बल्कि यह शहर का रिहायशी इलाके में शुमार होने लगा. पर इसके बाद भी जलजमाव यहां की मुख्य परेशानी रही. प्राय: हर बरसात में लोगों के घरों में पानी का घुसना और आवाजाही बंद होना आम समस्या है.
लोगों के सहयोग से हो रही जलनिकासी
इस बाबत कार्यपालक पदाधिकारी जटाशंकर झा ने बताया है कि आदर्शनगर में जल निकासी की पहल स्थानीय लोगों के सहयोग से की जा रही है. यह ऐतिहासिक उपलब्धि है. जल्द ही इसके पक्कीकरण को लेकर भी पहल करने की कोशिश होगी.
35 साल से परेशानी झेल रहे थे लोग
तीन हजार फुट में नाले की खुदाई
आदर्श नगर में पैंतीस साल के इतिहास में पहलीबार जलनिकासी के लिए पहल की गयी है. इससे पूर्व लोगो के लाख परेशानी के बाद भी नप प्रशासन अनदेखी करता था. पर इसबार ऐसी परेशानी हुई और लोगो ने इस प्रकार नप प्रशासन के सामने अपनी समस्या रखी की नप प्रशासन को भी समस्या के निदान की पहल करनी पड़ी. रविवार को जेसीबी से करीब तीन हजार फुट में नाला की खुदाई की गयी. जिससे मुख्य सड़क से जल निकासी शुरू हो गयी.