मधुबनी : बिहार बोर्ड की 17 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं की परीक्षा देने शहर आनेवाले छात्र-छात्राओं के लिए अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचना आसान नहीं होगा. शहर में चरमरायी ट्रैफिक व्यवस्था उनकी अलग से परीक्षा लेने के लिए तैयार है. पहले से ही सड़क जाम की समस्या से परेशान शहर के लोगों की भी मुश्किलें बढ़ने वाली है. कारण मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने के लिए शहर में 20 हजार से अधिक छात्र-छात्राएं आने वाले हैं.
जाम से मैट्रिक परीक्षार्थियों को केंद्रों पर पहुंचने में होगी दिक्कत
मधुबनी : बिहार बोर्ड की 17 फरवरी से शुरू हो रही 10वीं की परीक्षा देने शहर आनेवाले छात्र-छात्राओं के लिए अपने निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचना आसान नहीं होगा. शहर में चरमरायी ट्रैफिक व्यवस्था उनकी अलग से परीक्षा लेने के लिए तैयार है. पहले से ही सड़क जाम की समस्या से परेशान शहर […]

मैट्रिक की परीक्षा में हर बार छात्र-छात्रों की संख्या से अधिक अभिभावक भी उनके साथ आते हैं. नतीजतन मैट्रिक की परीक्षा के दौरान शहर में 40 हजार से अधिक लोगों के आने की संभावना है. जिससे शहर का आम जनजीव प्रभावित होने के साथ सड़क जाम की समस्या लोगों को परेशान में डाल सकती है.
शहर की सड़कों पर बढ़ेगा ट्रैफिक लोड. मैट्रिक की परीक्षा के दौरान 40 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं व अभिभावकों के आने से शहर की सड़कों पर ट्रैफिक लोड बढ़ने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है.
ट्रैफिक सूत्रों के अनुसार शहर से होकर 50 हजार से अधिक छोटी-बड़ी वाहनें गुजरती है. मैट्रिक की परीक्षा के दौरान यह संख्या 70 हजार को पार कर जायेगी. ऐसे में शहर की सड़कों पर ट्रैफिक लोड बढ़ना लाजिमी है. फिर भी स्थानीय प्रशासन शहर में ट्रैफिक कंट्रोल के लिए पहल करती नहीं दिख रही है.
12 होमगार्डों के जिम्मे है शहर की ट्रैफिक व्यवस्था. शहर में 12 होमगार्ड के जवानों के हवाले हैं ट्रैफिक व्यवस्था. इतनी कम संख्या में तैनात होमगार्ड के सहारे शहर की ट्रैफिक व्यवस्था संभाले नहीं संभल रही है. शहर में 50 से अधिक ऐसे प्वाइंट हैं जहां यातायात व्यवस्था संभालने के लिए ट्रैफिक पुलिस की तैनाती जरूरी है. लेकिन मुश्किल से सात से आठ ऐसे प्वाइंट हैं जहां होमगार्ड के जवान यातायात व्यवस्था संभालने के लिए तैनात हैं. ऐसे में मैट्रिक की परीक्षा के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को कंट्रोल करना उनके वश से बाहर की बात है.
शहर में नहीं लगा है नो इंट्री का बोर्ड.
शहर की एक दर्जन मुख्य व सहायक सड़कों पर सुबह से रात के 8 बजे तक बड़ी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगी हुई है. लेकिन कहीं भी नोइंट्री का बोर्ड नहीं लगे रहने से बड़ी वाहनें धड़ल्ले से नोइंट्री वाले जोन में घुस जाते हैं. जो सड़क जाम की समस्या की मुख्य वजह बन रही है. पूछने पर कई चालकों ने बताया कि उन्हें नहीं पता कि कहां नोइंट्री जोन है. परिवहन विभाग भी इस समस्या से बेखबर हो चैन की वंशी बजा रहा है.
बैठकें होती रहीं समस्या बढ़ती गयी
शहर में वर्षों से जारी सड़क जाम की समस्या से निजात के लिए डीएम की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की कई बैठकें हुई. सड़क सुरक्षा समिति की बैठकों में डीटीओ, सदर एसडीओ, एसडीपीओ, एमवीआई, थाना प्रभारी के साथ शहर के गणमाण्य, व्यवसायी व समाजसेवी भी शामिल होते रहे हैं. लेकिन परिणाम वहीं ढाक के तीन पात वाली कहावत चरितार्थ होती रही. नतीजतन शहर में सड़क जाम की समस्या घटने के बजाय बढ़ती ही गयी.
वन-वे की मांग हो रही अनसुनी
सड़क सुरक्षा समिति की बैठक व अन्य मंचों से ही शहर की सड़कों पर वन वे वाहन परिचालन की मांग उठती रही. लेकिन हर बार इसे अनसुनी कर दिये जाने से शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार होने के बजाय बिगड़ती रही. जो शहर के लोगों को मुश्किलों में डाल रही है.
अतिरिक्त पुलिस जवान की होगी तैनाती
सदर एसडीओ सुनील कुमार सिंह ने कहा है कि मैट्रिक परीक्षा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस को तैनात करने की व्यवस्था की जा रही है. थानाध्यक्षों को भी सड़क जाम की समस्या से निबटने का निर्देश दिया गया है.