तीन डाटा ऑपरेटरों की सेवा समाप्त प्रबंधक का सात िदनों का वेतन कटा

मधुबनी : आयुष्मान भारत योजना में बेहतर काम नहीं होने को डीएम ने गंभीरता से लिया है. डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने इस मामले मे तीन डाटा ऑपरेटर की सेवा को समाप्त करने सहित एक चिकित्सक पर प्रपत्र क गठित करने का निर्देश दिया है. साथ ही अन्य कर्मियों को हर हाल में काम की […]

मधुबनी : आयुष्मान भारत योजना में बेहतर काम नहीं होने को डीएम ने गंभीरता से लिया है. डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने इस मामले मे तीन डाटा ऑपरेटर की सेवा को समाप्त करने सहित एक चिकित्सक पर प्रपत्र क गठित करने का निर्देश दिया है. साथ ही अन्य कर्मियों को हर हाल में काम की स्थिति को सुधारने का निर्देश दिया गया है. वहीं प्रबंधक के मानदेय से सात दिन की कटौती का आदेश दिया है.

समीक्षा बैठक में मामला आया सामने
स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक समाहरणालय के सभा कक्ष में डीएम शीर्षत कपिल अशोक की अध्यक्षता में किया गया. बैठक में मुख्य फोकस आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन पर रहा. बैठक में आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में असंतोष जनक प्रगति को देखते हुए सदर अस्पताल, अंधराठाढी व लौकही के तीन डाटा इंट्री ऑपरेटर की सेवा वापसी करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया.
साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुटौना, लौकही एवं घोघरडीहा के द्वारा 1 जनवरी से 8 फरवरी 20 तक आयुष्मान भारत के अंतर्गत एक भी मरीजों का इलाज नहीं कराने पर रोष व्यक्त किया. और इसके तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुटौना के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक के सात दिनों का मानदेय कटौती करने एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लौकही के चिकित्सा पदाधिकारी डा. एके झा के विरुद्ध प्रपत्र क गठित कर विभाग को भेजने का निर्देश सीएस को दिया.
परिवार कल्याण कार्यक्रम का हाल भी खराब
परिवार कल्याण कार्यक्रम के समीक्षा के क्रम में पीआइयूसीडी में असंतोष जनक उपलब्धि होने के कारण अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास के काउंसलर के मानदेय से 10 प्रतिशत कटौती कर भुगतान करने का निर्देश दिया. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के समीक्षा क्रम में संतोषजनक सेवा नहीं होने के कारण संबंधित प्रखंड के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को सेवा बेहतर करने का निर्देश दिया.
इस संबंध में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पंडौल, बासोपट्टी व हरलाखी को विशेष तौर पर निर्देश दिया. साथ ही आरबीएसके के टीम को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप प्रतिदिन सौ बच्चों का चिकित्सीय जांच अनिवार्य बताया. बैठक में जिला में चल रहे विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा किया गया.
बैठक में सीएस डा. किशोर चंद्र चौधरी, एसीएमओ डा. सुनिल कुमार, सीडीओ डा. आरके सिंह, एनसीडीओ डा. एसपी सिंह, डीआईओ डा. के विश्वकर्मा, डीवीडीसीओ डा. एएम प्रसाद, डीपीएम दयाशंकर निधि, डैम शिव कुमार, केयर के एमएस सोलंकी सहित सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी व प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक मौजूद रहे.

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