व्यापारियों को राहत नहीं, ट्रेनों के ठहराव में एक मिनट का इजाफा

मधुबनी : रेलवे द्वारा एक जुलाई को ट्रेनों के परिचालन समय में मामूली उलट फेर की गई. लेकिन इसके बाद भी ट्रेनों का ठहराव तीन मिनट ही हो सका. जिससे थोक व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली. जबकि जयनगर नई दिल्ली व नई दिल्ली जयनगर स्वतंत्रता सेनानी सुपर फास्ट के ठहराव को दो मिनट से […]

मधुबनी : रेलवे द्वारा एक जुलाई को ट्रेनों के परिचालन समय में मामूली उलट फेर की गई. लेकिन इसके बाद भी ट्रेनों का ठहराव तीन मिनट ही हो सका. जिससे थोक व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिली. जबकि जयनगर नई दिल्ली व नई दिल्ली जयनगर स्वतंत्रता सेनानी सुपर फास्ट के ठहराव को दो मिनट से बढाकर तीन मिनट किया गया. जिला के व्यापारियों को उम्मीद थी कि 1 जुलाई से ट्रेनों के ठहराव में परिवर्तन होगा और ठहराव का समय अधिक होगा.

जिससे वे अपने सामानों की लोडिंग अनलोडिंग मधुबनी में ही कर सकेंगे. पर ऐसा नहीं हुआ.सभी ट्रेनों का ठहराव पूर्व की भांति 3 मिनट ही रहा. स्टेशन पर ट्रेनों के पांच मिनट से कम होने के कारण वाणिज्य विभाग को आवक व जावक से प्रतिवर्ष लाखों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है. वहीं थोक व्यवसायियों को माल का लोडिंग व अनलोडिंग नहीं होने के कारण आर्थिक व मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
जिसका असर आम उपभोक्ता के जेबों पर भी पड़ रहा है. विदित हो कि जयनगर दरभंगा रेल खंड के मधुबनी स्टेशन पर सभी ट्रेनों का ठहराव 15 अगस्त 2018 से 5 मिनट से घटाकर 3 मिनट कर दिया गया. जबकि इस रेल खंड पर प्रतिदिन राज्य सहित अन्य राज्यों से लगभग एक दर्जन ट्रेनों का आना जाना होता है. जिससे व्यवसायियों का माल भी आता है. कोलकाता से आने वाली ट्रेनों में पान फुल सहित कई अन्य समान मंगाया जाता है. जबकि यहां से मुख्य रूप से मखाना व अन्य सामान दूसरे राज्यों को भेजा जाता है. जो विगत 11 माह से पूर्णतया बंद हैं.
मखाना को ले जाना पड़ता है दरभंगा. जयनगर दरभंगा रेल खंड पर प्रतिदिन एक दर्जन लंबी दूरी की ट्रेनों का परिचालन होता है. जिसमें शहीद, सरयू यमुना, जन साधारण एक्सप्रेस, स्वतंत्रता सेनानी, इंटरसीटी एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, गंगासागर, कोलकाता एक्सप्रेस, रांची एक्सप्रेस व धुरियान सवारी गाड़ी शामिल है.
जिससे जिला के व्यवसायियों का उत्पादन अन्य राज्यों में भेजा जाता है. और दुसरे राज्य से उत्पादन मंगाया जाता है. मखाना व्यवसायी रोहित चंद्रा, साकेत राज गुप्ता ने बताया कि जयनगर मुंबई साप्ताहिक अंत्योदय एक्सप्रेस से मखाना सतना, कटनी, जवलपुर व मुंबई भेजा जाता था. ट्रेनों का ठहराव तीन मिनट होने के कारण अब माल को दरभंगा स्टेशन जाकर भेजना पड़ता है. जिससे प्रति बोरा लगभग 2 सौ रुपये अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है. इसके साथ समय की भी बर्वादी होती है.
पान के थोक विक्रेता सुरेश चौरसिया , राम बाबू महतो, विश्वंभर प्रसाद ने बताया कि पान कोलकाता से मंगाया जाता है. सियालदह जयनगर गंगासागर व कोलकाता जयनगर कोलकाता एक्सप्रेस का ठहराव 3 मिनट ठहराव होने के कारण पान दरभंगा व जयनगर से लाना पड़ता है. जिसमें प्रति दवला 2 सौ से 250 रुपया अधिक रुपये का बहन करना होता है. विदित हो कि स्टेशन ए ग्रेड दर्जा प्राप्त है. इसके बाद भी ट्रेनों का ठहराव तीन मिनट ही है. वाणिज्य अधीक्षक देवेंद्र मंडल ने बताया कि पांच मिनट से कम ठहराव होने के कारण स्टेशन पर ट्रेनों से माल लोड अनलोड नहीं किया जाता है.

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