मधुबनी : दिव्यांग बहन को टोकरी में बिठा कर साइकिल से बूथ तक लाया बड़ा भाई

मधुबनी : तबीला खातून बचपन से ही दिव्यांग हैं. इन्हें पोलियो ने लाचार कर दिया है. दोनों पांव खराब हो चुके हैं. हर काम के लिए दूसरे का ही सहारा लेना पड़ता है. सोमवार को चुनाव था. अगल-बगल के लोगों को मतदान के लिए जाते देखा, तो खुद को रोक नहीं सकी. इन्हें भी मतदान […]

मधुबनी : तबीला खातून बचपन से ही दिव्यांग हैं. इन्हें पोलियो ने लाचार कर दिया है. दोनों पांव खराब हो चुके हैं. हर काम के लिए दूसरे का ही सहारा लेना पड़ता है. सोमवार को चुनाव था. अगल-बगल के लोगों को मतदान के लिए जाते देखा, तो खुद को रोक नहीं सकी. इन्हें भी मतदान करने का मन हुआ. पर इसके लिए किसी का सहारा चाहिए था.
घर से करीब एक किलोमीटर दूर बूथ है. अपने बड़े भाई मो. सैफुल्लाह अंसारी को अपनी भावना से अवगत कराया. भाई ने भी इस महापर्व में अपनी बहन का पूरा सहयोग किया. एक साइकिल पर टोकरी बांधी और उसमें अपनी बहन को बिठाया और चल पड़े बूथ की ओर. मतदान करने के बाद तबीला काफी खुश थी. तबीला ने राघोनगर मदरसा इस्लामिया के बूथ नंबर 59 पर मतदान किया. वहीं रहिका निवासी विनोद कामत ने अपनी बेटी की शादी के काम को छोड़ कर पहले मतदान किया. विनोद की पुत्री प्रीति कुमारी की शादी सोमवार को थी. परिवार का हर लोग काम काज में लगे थे.
कोई बराती के लिए खाना का इंतजाम करने में था तो कोई घर को सजाने तो कोई प्रीति को सजाने में मशगूल. पर इसी बीच अचानक ही विनोद घर से निकल कर बूथ पर पहुंच गये. घंटों लाइन में लगे रहे. लोग शादी के लिये सामान की खोज कर रहे थे.
लेकिन विनोद मतदान करने के बाद ही घर लौटे. इसके बाद फिर घर का सब काम किया. बताते हैं कि जिस प्रकार आज उनकी बेटी की नयी जिंदगी शुरू हो रही है, उसी प्रकार से मतदान हमारे देश के विकास के लिए अगले पांच साल तक नयी दशा तय करेगी. इससे वे किसी भी हाल में वंचित नहीं रह सकते हैं.
दरअसल, सोमवार को मधुबनी लोकसभा चुनाव को लेकर हर वर्ग हर उम्र के लोगों में उत्साह चरम पर था. सुबह उम्मीद के अनुसार मॉक पोल के दौरान ही मौसम ने यह बता दिया था कि दिन तेज धूप व उमस भरी गर्मी वाली रहेगी. जिस कारण लोग सुबह से ही मतदान बूथ पर आने लगे थे. मतदान शुरू होने से पहले ही अधिकांश बूथ पर मतदाताओं की लंबी कतारें लग गयी थी.
वहीं चुनाव को शांति पूर्वक संपन्न कराने के लिये प्रशासन ने भी पुख्ता इंतजाम किया था. सुबह में मतदान का फीसदी कम रहा. पर समय बीतने के साथ ही मतदान का फीसदी बढ़ता चला गया. हर उम्र के लोगों ने मतदान किया.

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