मधुबनी : छह माह पहले शौचालय बनाया गया. पर अब तक इसे आम यात्रियों के उपयोग के लिये नहीं दिया गया है. जिससे आज भी रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को परेशानी के साथ साथ पैसे भी खर्च करने पड़ रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी महिला, बुजूर्ग यात्रियों को हो रही है. ए ग्रेड का दर्जा प्राप्त होने के बाद भी स्टेशन पर यात्रियों की सुविधाओं का घोर अभाव है. आलम यह है कि स्टेशन के प्लेट फार्म नंबर 1 व 2 पर मुलभूत सुविधाओं का अभाव है. शौचालय, यूरिनल सहित यात्रियों के लिए शेड व बेंच की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है.
छह माह पूर्व बने बायो टॉयलेट का यात्री नहीं कर रहे उपयोग
मधुबनी : छह माह पहले शौचालय बनाया गया. पर अब तक इसे आम यात्रियों के उपयोग के लिये नहीं दिया गया है. जिससे आज भी रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को परेशानी के साथ साथ पैसे भी खर्च करने पड़ रहे हैं. सबसे अधिक परेशानी महिला, बुजूर्ग यात्रियों को हो रही है. ए ग्रेड […]

स्टेशन को प्रतिदिन चार लाख रुपये की होती है राजस्व की प्राप्ति
: यहां प्रतिदिन लगभग सात हजार यात्रियों का आवागमन स्टेशन पर होता है. जिससे स्टेशन को प्रतिदिन लगभग 4 लाख रुपये का राजस्व प्राप्ति होती है. लगभग 6 माह पूर्व रेलवे द्वारा प्लेटफार्म नंबर 2 पर वायो ट्वायेट का निर्माण किया गया, लेकिन आज तक इसे यात्रियों के लिए चालू नहीं किया गया है. स्टेशन पर आने वाले महिला यात्रियों को होने वाली इन असुविधाओं को जानते हुए भी रेल प्रबंधन चुप्पी साधे है.
यूरिनल के लिए भी देना होता है पांच रुपये : आलम यह है कि स्टेशन परिसर में बने शौचालय में यूरिनल के लिए यात्रियों से 5 रुपये शुल्क लिया जाता है. जबकि यूरिनल की सुविधा मुफ्त है. शौचालय संचालक की मनमानी ऐसी है कि शौचालय में मूल्य दर का डिस्प्ले भी नहीं लगाया गया है.
कई बार यात्रियों के द्वारा इसकी शिकायत एसएस से भी की जाती है. एसएस द्वारा तत्काल इस समस्या का समाधान तो कर दिया जाता है लेकिन संचालक द्वारा फिर वहीं कहानी दोहराया जाता है.
स्टेशन को ए ग्रेड स्टेशन का दर्जा प्राप्त है. रेल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार ए ग्रेड स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं सहित वातानुकुलित वेटिंग रूम, वाइ फाई सुविधा, यात्रियों के मनोरंजन के लिए टीवी, प्रत्येक प्लेट फार्म पर शौचालय, यूरिनल, दिव्यांग व वरिष्ठ नागरिकों के लिए पाथ सहित सभी सुविधा होनी चाहिए.
लेकिन ए ग्रेड दर्जा प्राप्त होने के बाद भी अन्य सुविधाओं की बात कोन कहें मूलभूत सुविधा से भी वंचित है यात्री. स्टेशन से निकलने के बाद यात्रियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है.