शराब पीते व मटन चबाते जमादार ने कहा, हम 20 हजार लेंगे और काम कर देंगे...

बिहार सरकार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा का मजाक उड़ाते मधेपुरा के शंकरपुर थाना के जमादार उत्तम कुमार मंडल का मटन खाते और शराब पीते-पीते एक केस के सिलसिले में रिश्वत मांगता एक वीडियाे वायरल हो गया.

वीडियो वायरल, एसपी ने किया सस्पेंड शंकरपुर. बिहार सरकार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी की घोषणा का मजाक उड़ाते मधेपुरा के शंकरपुर थाना के जमादार उत्तम कुमार मंडल का मटन खाते और शराब पीते-पीते एक केस के सिलसिले में रिश्वत मांगता एक वीडियाे वायरल हो गया. वायरल वीडियो जिले के पुलिस कप्तान तक पहुंचा और उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते उस जमादार को निलंबित कर दिया. वायरल वीडियो में वर्दी में जमादार उत्तम कुमार मंडल एक व्यक्ति से किसी केस के बारे में बात करते दिखाई दे रहे हैं. साथ ही पानी और शराब की बोतलें और मटन का प्लेट आगे रखा दिखाई दे रहा है. वायरल वीडियो में जमादार उत्तम मंडल यह कहते सुनाई देते हैं कि बड़ा बाबू भी जानते हैं कि मेरा रेट कड़ा है. हम दो-पांच हजार रुपये के लिए काम नहीं करते हैं. हम 20 हजार लेंगे, लेकिन काम करेंगे. आगे भी मैनेज करना पड़ता है. कंप्यूटर ऑपरेटर, टाइपिस्ट, पेशकार और चौकीदार को भी देना पड़ता है. वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने तत्काल जांच का आदेश दे दिया था. 2024 के मामले में अब तक नहीं मिला रुपये… वर्ष 2024 में पुलिस टीम ने भलुआहा निवासी राहुल कुमार के घर छापेमारी कर उसके किराना दुकान के सामान को चोरी का बता जब्त कर लिया था. राहुल को चोर गिरोह से जुड़ा बताते हुए मामला दर्जकर जेल भेज दिया था. राहुल का आरोप है कि जब्त किया गया नकद सूची में दर्ज नहीं किया गया. आज तक सामान या पैसे वापस नहीं किये गये. हाल ही में न्यायालय के आदेश पर करवाये गये परेड में पुलिस ने एक अनजान व्यक्ति को सामान का मालिक बना दिया. बाद में न्यायालय में शपथ पत्र देकर कहा कि उसका सामान से कोई लेना-देना नहीं है. उसे पुलिस ने दबाव में गवाह बनाया है. राहुल ने कहा कि केस के आइओ उत्तम मंडल लगातार उसका शोषण करते रहे हैं और घूस की मांग करते रहे हैं. इसी बीच राहुल ने जमादार उत्तम मंडल का शराब पीते हुए और घूस के रुपये मांगने का वीडियाे बना लिया. अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. राहुल का कहना है कि उत्तम मंडल धमकी देते रहे कि वीडियो किसी को दिया तो जान से मार दिया जायेगा. … पुलिस विभाग की छवि के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जायेगा. मामले की प्रारंभिक जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद संबंधित पुलिस पदाधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. विभाग में अनुशासन सर्वोपरि है और कानून के ऊपर कोई नहीं है. इस पूरे प्रकरण की विस्तृत विभागीय जांच कराई जा रही है और दोषी पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जायेगी. यदि किसी के पास इस मामले से जुड़ी कोई भी ठोस जानकारी या साक्ष्य हों तो वे पुलिस प्रशासन को अवश्य उपलब्ध कराएं. संदीप सिंह, पुलिस अधीक्षक, मधेपुरा

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Kumar Ashish

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >