प्रतिनिधि, मधेपुरा
बुधवार को एक घंटे की बारिश से शहर के हर मोहल्ले व सड़कों पर पानी जमा हो गया. लोगों ने कहा कि
नगर परिषद की अकर्मण्यता और लापरवाही के कारण जलजमाव शहर का अभिशाप बन गया है. यही उसकी पहचान भी बन गयी है. एक तो सभी मुहल्लों में नाले नहीं बनाये जा सके हैं, दूसरी ओर एकाध मोहल्ले में वर्षों पूर्व नाले बने भी थे तो, उसका कनेक्शन किसी बड़े नाले से नहीं किया जा सका है. इस कारण वे नाले किसी काम के नहीं हैं. उल्टे जलजमाव का कारण बने हुए हैं. समय रहते नगर परिषद ऐसे नालों की उड़ाही-सफाई भी नहीं कराता, जिससे नाले का गंदा, काला और बदबूदार पानी ओवरफ्लो हो जलजमाव को और भी गंदा करता है. मुहल्ले के लोगों का घर से निकलना दूभर हो जाता है.
समाधान में नप की नहीं है दिलचस्पी बारिश ने शहर के मुख्य बाजार की तस्वीर भी बदल दी. सड़कों पर पानी जमा हो गया. मुख्य बाजार में कहीं-कहीं नाले बने हुए तो हैं, लेकिन कचरे से भरे पड़े होने के कारण वह सड़कों पर जमा पानी को अपने अंदर नहीं ले पाता है. सड़कों पर जमा पानी को खाली जगह अथवा इन नालों में एडजस्ट होने में चार से पांच घंटे का समय लग जाता है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
