मठाही को 17 वर्ष बाद भी नहीं मिला सका थाना का दर्जा

मठाही को 17 वर्ष बाद भी नहीं मिला सका थाना का दर्जा

मधेपुरा.

सहरसा – मधेपुरा जिले की सीमा पर स्थित मठाही पुलिस शिविर स्थायी थाना का रूप नहीं ले पाया है. बीते 17 वर्षों में न सरकार ने ठोस पहल की, न ही इस शिविर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया.

मालूम हो कि मठाही पुलिस शिविर को अपराध नियंत्रण और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखने के उद्देश्य से स्थापित किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी यहां आवश्यक पुलिस बल, संसाधन व संरचना की कमी है. चुनावी मौसम में यह स्थिति न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाती है, बल्कि स्थानीय जनता में भी डर और असुरक्षा की भावना को जन्म देती है.

ग्रामीणों की चिंता

मठाही के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से होकर कई मुख्य मार्ग गुजरते हैं, जो दूसरे पड़ोसी जिले सहरसा, सुपौल व मधेपुरा जिला मुख्यालय को जोड़ती है. ऐसे में क्राइम करने के बाद अपराधियों को छिपने व भागने के लिए आसान राह होते हैं. ग्रामीणों का कहना है कई बार अपराधियों बड़ी घटना को अंजाम देकर पड़ोसी जिले में छिप जाता है, लेकिन पुलिस की व्यवस्था नाममात्र होने के कारण अपराधियों को पकड़ना व क्राइम पर कंट्रोल करना चुनौतीपूर्ण रहती है.

अतिसंवेदनशील रहता है यह क्षेत्र

ज्ञात हो कि मठाही पुलिस शिविर क्षेत्र में पांच पंचायतें हैं. मठाही, बालम गढ़िया, खोपैती, भान टेकती एवं भेलवा शामिल हैं. जहां की जनसंख्या घनी है. यह क्षेत्र सामान्य रूप एवं चुनाव के मद्देनजर से अतिसंवेदनशील रहता है. इसके कारण चुनाव के दौरान यहां विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है. इसके बावजूद शिविर स्तर की सीमित व्यवस्था के कारण कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है.

2022 में गया था प्रस्ताव, पर कोई कार्रवाई नहीं

जानकारी के अनुसार 2022 में मठाही को थाना बनाने का प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन वह अब तक फाइलों में ही दफन है, लेकिन गृह विभाग की नजरें अब तक इस पर नहीं पड़ी है. बीते कुछ महीनों पहले स्थानीय विधायक प्रो चंद्रशेखर को भी इस संबंध में मांग पत्र दिया गया था. इसके बावजूद को कदम नहीं उठाये गये हैं. यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाया गया तो यह क्षेत्र चुनावी शांति व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है.

थाना के लिए जमीन चिह्नित कर भवन निर्माण के लिए जा चुका है प्रपोजल

वर्तमान में मठाही पुलिस शिविर कोशी प्रोजेक्ट के जमीन में संचालित हो रहा है. जानकारी के अनुसार मठाही थाना निर्माण के लिए 2022 से पूर्व ही जमीन भी चिन्हित कर लिया गया है. इसके बाद फरवरी 2022 में मठाही पुलिस शिविर को थाना बनाने के लिए पुलिस मुख्यालय को प्रपोजल भी भेजा जा चुका है. इसके बाद जनवरी 2023 में थाना के लिए भवन निर्माण के लिए भी प्रपोजल भेजा जा चुका है. इसके बावजूद अब तक विभाग कोई कार्य नहीं कर रही है. ऐसे में स्थानीय जनता को सुरक्षा की दृष्टिकोण से कमी खल रही है. इससे साफ प्रतीत होता है कि यह प्रशासनिक व राजनीतिक अटकलें के कारण अब तक कुछ नहीं हो पाया है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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