36 घंटे बाद घटनास्थल से एक किमी दूर मिला चौथे युवक का शव

चालक का ध्यान सड़क के बजाय मोबाइल कैमरे की ओर था.

-140 की स्पीड, मस्ती,फेसबुक लाइव और फिर मौत का मचा तांडव- -शुक्रवार की आधी रात ग्वालपाड़ा के अरार घाट पुल पर हुआ था दर्दनाक हादसा- -फेसबुक लाइव के दौरान नदी में गिरी कार, सवार सभी चार दोस्तों की हो गई थी मौत- -शनिवार को ही मिल गया था तीन शव, रविवार की सुबह एक किमी मीटर दूर मिला चौथा शव- ग्वालपाड़ा तेज रफ्तार और सोशल मीडिया पर ””लाइव”” होने के जानलेवा शौक ने चार होनहार युवकों की जिंदगी का सफर हमेशा के लिए खत्म कर दिया. शुक्रवार की देर रात एनएच 106 पर एक अनियंत्रित हुंडई ऑरा कार (बीआर 43 एएफ 7497) अरार घाट पुल के पास करीब 40 फीट गहरे सुरसर नदी के गड्ढे में जा गिरी. इस हादसे में कार सवार चारों दोस्तों की मौत हो गई. लापता चौथे युवक का शव रविवार सुबह बरामद कर लिया गया है. -हादसे से चंद सेकंड पहले का खौफनाक वीडियो- दुर्घटना का सबसे विचलित करने वाला पहलू वह वीडियो है, जो हादसे के वक्त फेसबुक पर लाइव चल रहा था. वीडियो में कार की सूई 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को छू रही थी. कार के भीतर भोजपुरी गाने बज रहे थे और चारों दोस्त मस्ती में डूबे हुए थे. चालक का ध्यान सड़क के बजाय मोबाइल कैमरे की ओर था. इसी दौरान अरार पुल के पास कार अनियंत्रित हुई और एक टेलीफोन खंभे व दुकान को रौंदते हुए पेड़ के ऊपर से सीधे नदी में जा समायी. -36 घंटे बाद मिला चौथे युवक का शव- हादसे के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन में शनिवार तक तीन शव बरामद कर लिए गए थे, लेकिन शिव सागर कुमार (22) का पता नहीं चल सका था. शनिवार को एसडीआरएफ की टीम ने काफी मशक्कत की, पर सफलता नहीं मिली. रविवार सुबह करीब नौ बजे घटनास्थल से लगभग एक किलोमीटर दूर छपरिया वासा (वार्ड नंबर 11) के पीछे नदी के मोड़ पर शव तैरता हुआ मिला. ग्रामीणों की मदद से नाव के जरिए शव को बाहर निकाला गया. -टूट गए मां-बाप के अरमान, अब जीवन भर बनी रहेगी कसक- हादसे का शिकार हुए युवक अपने सुनहरे भविष्य की तैयारी कर रहे थे. अंकित कुमार (25) बीएड और सी-टेट पास थे, बीपीएससी शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे थे. वहीं बसंत कुमार (23) बीएड द्वितीय वर्ष के छात्र थे. घनश्याम कुमार (28) पेशे से ड्राइवर और परिवार के इकलौते भाई थे. शिव सागर कुमार (22) कार के मालिक थे, जिनका शव रविवार को मिला. घटनास्थल के पास स्थित पान दुकानदार राजीव कुमार ने बताया कि देर रात एक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर उनकी नींद खुली. बाहर आकर देखा तो टेलीफोन के पोल और उनके बगल वाले दुकान का हिस्सा टूटा हुआ था. टॉर्च की रोशनी में नदी में सिर्फ कार का पिछला हिस्सा दिखाई दे रहा था. उन्होंने तुरंत 112 नंबर पर सूचना दी. सूचना मिलते ही अरार थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र कुमार, बीडीओ परमानंद पंडित और सीओ देवकृष्ण कामत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. जेसीबी की मदद से कार को बाहर निकाला गया. डीएसपी अविनाश कुमार ने भी घटनास्थल का मुआयना किया. पुलिस के अनुसार कार के एयरबैग तो खुले थे, लेकिन अत्यधिक गहराई और तैरना न आने के कारण किसी की जान नहीं बच सकी. परिजनों ने बताया कि चारों दोस्त मेला देखकर लौट रहे थे. इस घटना के बाद मृतकों के गांवों में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

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By Kumar Ashish

Kumar Ashish is a contributor at Prabhat Khabar.

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