Singheshwar Shravani Mela 2026: मधेपुरा के प्रसिद्ध बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम में गुरुवार को आस्था, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला. जैसे ही वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रभारी मंत्री शीला मंडल ने फीता काटकर राजकीय श्रावणी मेले का उद्घाटन किया, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय बाबा सिंहेश्वरनाथ” के गगनभेदी जयघोष से गूंज उठा. हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में शुरू हुआ यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मिथिला की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन से भी गहराई से जुड़ा है.
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ मेले का शुभारंभ
राजकीय श्रावणी मेले का उद्घाटन पारंपरिक विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया गया. प्रभारी मंत्री शीला मंडल ने बाबा सिंहेश्वरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर राज्य और प्रदेशवासियों के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
कार्यक्रम की शुरुआत मिथिला की परंपरा के अनुसार प्रभारी मंत्री को मिथिला का पाग पहनाकर सम्मानित किए जाने से हुई. मंदिर के पुजारी संजीव कुमार ठाकुर और कन्हैया ठाकुर ने वैदिक मंत्रोच्चार से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया.
उद्घाटन के बाद मंत्री और अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर मेले का औपचारिक शुभारंभ किया.
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा मन
समारोह में ग्रीन फील्ड इंटरनेशनल स्कूल के बच्चों ने स्वागत गीत और धार्मिक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिसने पूरे कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया. उपस्थित अतिथियों और श्रद्धालुओं ने बच्चों की प्रस्तुति की जमकर सराहना की.
सिंहेश्वर मंदिर न्यास समिति की ओर से सभी अतिथियों को शॉल, पौधा और बाबा सिंहेश्वरनाथ का प्रतीक चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया.
श्रद्धालुओं को नहीं होगी कोई परेशानी: डीएम
जिलाधिकारी ने कहा कि सिंहेश्वर धाम की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान पूरे देश में है. उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मियों को सेवा भाव से कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है.
मेले के लिए धन की कमी नहीं होने देंगे: विधायक
विधायक प्रो. रमेश ऋषिदेव ने कहा कि बिहार सरकार श्रावणी मेले के सफल आयोजन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि “अतिथि देवो भव:” भारतीय संस्कृति की पहचान है और मेले के संचालन तथा विकास कार्यों के लिए जितनी भी राशि की आवश्यकता होगी, सरकार उपलब्ध कराएगी.
कांवरियों की सेवा सबसे बड़ा धर्म: एमएलसी
एमएलसी डॉ. अजय सिंह ने भगवान शिव के दिव्य स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि महादेव ने सृष्टि की रक्षा के लिए विषपान किया था. उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में बाहर से आने वाले कांवरियों और श्रद्धालुओं की सेवा करना सबसे बड़ा धर्म और पुण्य का कार्य है.
त्रेता युग से जुड़ी है सिंहेश्वरनाथ धाम की महिमा
प्रभारी मंत्री शीला मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि बाबा सिंहेश्वरनाथ धाम की महिमा त्रेता युग से जुड़ी हुई मानी जाती है. उन्होंने कहा कि धार्मिक मान्यता के अनुसार यहां संपन्न यज्ञ का खीर लेकर राजा दशरथ अयोध्या गए थे, जिसे तीनों रानियों को देने के बाद भगवान राम सहित चारों भाइयों का जन्म हुआ.
उन्होंने कहा कि बाबा सिंहेश्वरनाथ की महिमा अपरंपार है और शिव हर कण तथा हर घर में विद्यमान हैं.
90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि विकास के लिए
शीला मंडल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सिंहेश्वर श्रावणी मेले को राजकीय मेले का दर्जा दिया था. उन्होंने बताया कि सिंहेश्वर धाम के समग्र विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा 90 करोड़ रुपये से अधिक की राशि उपलब्ध कराई गई है.
उन्होंने सभी नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और श्रद्धालुओं से मिल-जुलकर मेले को सफल बनाने की अपील की.
Singheshwar Shravani Mela 2026: स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ
श्रावणी मेले के दौरान सिंहेश्वर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और कांवरियों के आने से स्थानीय बाजार, होटल, धर्मशालाएं, परिवहन सेवाएं, फूल-माला विक्रेता, प्रसाद दुकानदार और छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है.
धार्मिक पर्यटन के इस बड़े आयोजन से मधेपुरा जिले की पहचान को भी नई मजबूती मिलने की संभावना है.
कार्यक्रम का संचालन बीडीओ ज्योति गामी ने किया, जबकि अंत में बीस सूत्री अध्यक्ष हरेंद्र मंडल ने सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया.
