नालों पर सज रहीं दुकानें, अतिक्रमण से बदहाल हो रही शहर की व्यवस्था

मधेपुरा में अतिक्रमण की समस्या गंभीर होती जा रही है. नगर परिषद की अनदेखी के कारण नालों के ऊपर दुकानें संचालित हो रही हैं, जिससे यातायात और जल निकासी व्यवस्था बदहाल है. स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है.

मधेपुरा : शहर में अतिक्रमण की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है. नगर परिषद की अनदेखी और प्रशासनिक उदासीनता के कारण अब कई स्थानों पर लोग खुलेआम नालों के ऊपर दुकानें संचालित कर रहे हैं. मुख्य मार्गों और बाजार क्षेत्रों में लकड़ी, टीन, कपड़े और प्लास्टिक के अस्थायी ढांचे बनाकर दुकानें सजाई जा रही हैं. इससे न केवल यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि जलनिकासी और स्वच्छता व्यवस्था भी बदहाल हो गई है.

बारिश में बढ़ रही जलजमाव की समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले नालों से बारिश का पानी आसानी से निकल जाता था, लेकिन अतिक्रमण के कारण पानी का बहाव बाधित हो गया है. नतीजतन हल्की बारिश में ही सड़कें जलमग्न हो जाती हैं. सुभाष चौक, पूर्णिया गोला, कॉलेज चौक सहित कई प्रमुख स्थानों पर यह समस्या स्पष्ट रूप से देखने को मिल रही है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी परेशानी होती है.

वेंडिंग जोन नहीं होने की मजबूरी बता रहे दुकानदार

नालों पर दुकान लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि नगर परिषद की ओर से वेंडिंग जोन या स्थायी दुकान की व्यवस्था नहीं की गई है. रोजगार चलाने के लिए उन्हें मजबूरी में ऐसे स्थानों पर दुकान लगानी पड़ रही है. हालांकि, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इससे आम लोगों की परेशानी लगातार बढ़ रही है.

सफाई व्यवस्था पर भी पड़ रहा असर

नालों के ऊपर बने अस्थायी ढांचों के कारण सफाई कर्मियों को नालों की सफाई करने में कठिनाई होती है. कई स्थानों पर नाले जाम होने से गंदा पानी जमा रहता है और दुर्गंध फैलने लगी है. बरसात के मौसम में यह समस्या और विकराल हो जाती है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है.

अतिक्रमण हटाने और वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से विशेष अभियान चलाकर नालों से अतिक्रमण हटाने तथा दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की है. साथ ही दुकानदारों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और वेंडिंग जोन विकसित करने की भी अपील की है, ताकि वे वैध रूप से अपना व्यवसाय कर सकें.

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. उनका मानना है कि प्रशासन, नगर परिषद और आम जनता के संयुक्त प्रयास से ही शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाया जा सकता है.

यह भी पढ़ें : बिहार में ग्राम पंचायतों का होगा नए सिरे से परिसीमन, सरकार ने जारी की अधिसूचना


प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Aman Kumar

Published by: Shruti Kumari

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >