Jan Sahayog Camp : मधेपुरा जिले के कुमारखंड प्रखंड में मंगलवार को आयोजित विशेष सहयोग शिविर ने ग्रामीणों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाई. बिशनपुर बाजार, बिशनपुर कोड़लाही और रानीपट्टी सुखासन पंचायत में लगे शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया. प्रशासन ने इसे सरकार की जनसेवाओं को गांव तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण पहल बताया.
तीन पंचायतों में लगा विशेष सहयोग शिविर
बिहार सरकार के निर्देश और जिला प्रशासन के आदेश के तहत कुमारखंड प्रखंड की बिशनपुर बाजार, बिशनपुर कोड़लाही एवं रानीपट्टी सुखासन पंचायत में विशेष सहयोग शिविर का आयोजन किया गया. सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण विभिन्न सरकारी योजनाओं और अपनी समस्याओं से जुड़े आवेदन लेकर पहुंचे. अधिकारियों ने लोगों की शिकायतें सुनकर कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन किया, जबकि शेष मामलों को निर्धारित समयसीमा में निपटाने का आश्वासन दिया.
एक ही स्थान पर मिले कई विभागों के अधिकारी
शिविर में राजस्व, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायती राज, सहकारिता, कृषि, अल्पसंख्यक एवं कल्याण, बाल विकास परियोजना, जीविका, पर्यावरण, श्रम, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, बिजली, ग्रामीण कार्य, पथ निर्माण, जल संसाधन, ग्रामीण विकास, आवास योजना और मनरेगा सहित 15 से अधिक विभागों के अधिकारी एवं कर्मी मौजूद रहे. ग्रामीणों ने एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं मिलने को बेहद उपयोगी बताया.
जमीन, स्वास्थ्य, शिक्षा और योजनाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई
राजस्व विभाग ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन और भूमि विवाद से जुड़े आवेदन प्राप्त किए. स्वास्थ्य विभाग ने आयुष्मान भारत एवं अन्य स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी दी. शिक्षा विभाग ने छात्रवृत्ति और विद्यालय संबंधी समस्याओं पर मार्गदर्शन किया. इसके अलावा पंचायत, कृषि, श्रम, आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े मामलों की भी सुनवाई कर आवश्यक कार्रवाई की गई.
ग्रामीणों ने बताया प्रशासन की सराहनीय पहल
प्रखंड प्रशासन ने बताया कि सहयोग शिविर का उद्देश्य लोगों को एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की सेवाएं उपलब्ध कराना और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है. शिविर के सफल आयोजन में पंचायत प्रतिनिधियों, विकास मित्रों, आंगनबाड़ी सेविकाओं, महिला पर्यवेक्षिकाओं, जीविका दीदियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने सक्रिय भूमिका निभाई. ग्रामीणों ने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए कई कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, लेकिन अब एक ही स्थान पर अधिकारियों की मौजूदगी से प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो गई है.
