सड़क सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा, दुर्घटना की संख्या में हो रही है वृद्धि
सड़क सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा, दुर्घटना की संख्या में हो रही है वृद्धि
मधेपुरा. शहर में सड़क सुरक्षा एक गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है, जहां सड़क पर युवा वर्ग लहरिया कट बाइक चला रहे हैं. विशेष रूप से एनएच 107 व 106 पर देखा जा रहा है कि कई लोग बिना हेलमेट के बाइक चला रहे हैं. यह स्थिति न केवल वाहनों के संचलन में असहमति पैदा करती है, बल्कि दुर्घटनाओं की संख्या में भी वृद्धि कर रही है. जैसे-जैसे मोटर वाहनों की संख्या बढ़ रही है, यात्रियों और बाइक चालकों को अधिक सर्तक रहने की जरूरत महसूस हो रही है. सड़क पर बाइक चलाने वाले व्यक्ति आमतौर पर बिना ड्राइविंग लाइसेंस के होते हैं और उन्हें सड़क यातायात नियमों का पूर्ण ज्ञान नहीं होता है. ऐसे स्थिति में, बिना उचित प्रशिक्षण के बाइक चलाना न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए खतरनाक है, बल्कि अन्य सड़क पर चलने वालों के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है.
जागरूक करने की जरूरत
बिना हेलमेट के बाइक चलाना आम बात हो गयी है. यह न केवल बाइक चालक के लिए, बल्कि उनके पीछे बैठने वाले व्यक्ति के लिए भी खतरनाक है. अगर दुर्घटना होती है, तो सिर पर गंभीर चोटें आ सकती हैं, जिसका प्रभाव अक्सर स्थायी हो सकता है. हेलमेट पहनने का नियम केवल एक कागज पर रखने वाली बात नहीं होनी चाहिये. बल्कि इसे लागू करने के लिए कानून और जागरूकता अभियान की आवश्यकता है. तीन से चार लोडिंग लेकर तेज गति से बाइक चलाने का चलन भी एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय है. ऐसे में बाइक का संतुलन बिगड़ सकता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. लोडेड बाइक चलाने वाले लोग अक्सर अनियंत्रित हो जाते हैं और सड़क पर अन्य वाहनों और पैदल यात्रियों के लिए खतरा बन जाते हैं. इसके अलावा, कई लोग हाथ छोड़कर बाइक चलाते हैं, जो न केवल लापरवाह है, बल्कि उनके लिए और उनकी सवारी के लिए भी जानलेवा हो सकता है.बढ़ रही है सड़क दुर्घटना
हाल के कुछ समय में, मधेपुरा में सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं बढ़ी हैं, जिनमें कई मामले दुर्घटना स्थल पर ही मौत का सामना कर चुके हैं. कुछ अन्य लोग अपाहिज हो जाते हैं, जिससे उनके परिवार पर गहरा आर्थिक और मानसिक प्रभाव पड़ता है.स्थानीय प्रशासन को इस मुद्दे पर विचार करना चाहिये. अधिकारियों को चाहिए कि वे सख्ती से नियमों का पालन सुनिश्चित करें. सड़क पर चलने वाले लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए कार्यक्रम आयोजित करें. इसके अलावा स्कूलों और कॉलेजों में सड़क सुरक्षा शिक्षा को शामिल करना चाहिए ताकि युवाओं में सही आदतें विकसित हो सकें.
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16 वर्ष से ऊपर के युवक या युवती स्कूटी चला सकती है, लेकिन बाइक 18 वर्ष से ऊपर व लाइसेंस लेने के बाद ही चला सकते है. अगर कोई ट्रिपल
लोड या बेढंग तरीके से बाइक चलाते दिखायी देता है, तो उसके गाड़ी की चालान काट कर जुर्माना वसूला जाता है.
अनिल कुमार, एमवीआइ
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समय-समय पर विभाग के द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है. लगातार वाहन चेकिंग भी किया जा रहा है. लोगों को स्वयं सर्तकर्ता व जागरूता के साथ वाहन चलाने की जरूरत है.
निकिता कुमारी, डीटीओ B
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