मधेपुरा : समाहरणालय स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष में जिला पदाधिकारी अभिषेक रंजन की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे आम नागरिकों ने अपनी समस्याओं, शिकायतों और मांगों से संबंधित कुल 265 आवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किये.
डीएम ने गंभीरता से सुनीं लोगों की समस्याएं
जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ने एक-एक कर आवेदकों की समस्याओं को सुना. उन्होंने संबंधित मामलों को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये.
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी आवेदनों का निर्धारित समयसीमा के भीतर पारदर्शी, निष्पक्ष और न्यायसंगत तरीके से निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके.
जनसुनवाई के मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश
जनसुनवाई के मुख्य बिंदु
- आम नागरिकों ने कुल 265 आवेदन प्रस्तुत किये.
- डीएम ने आवेदकों की समस्याएं सीधे सुनीं.
- संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिये गये.
- आवेदनों का समयसीमा के भीतर निष्पादन करने को कहा गया.
- मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्षता बरतने का निर्देश.
- किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं करने की हिदायत.
लापरवाही पर डीएम ने जतायी सख्ती
जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें. उन्होंने कहा कि आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए.
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सुशासन, जवाबदेही और जनकल्याण की भावना के साथ काम कर रहा है. जनसुनवाई आम नागरिकों और प्रशासन के बीच सीधे संवाद का प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए लोगों की समस्याओं का संज्ञान लेकर उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई की जाती है.
लोगों की समस्याओं के समाधान पर प्रशासन का फोकस
जिला प्रशासन की ओर से कहा गया कि आमजनों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के साथ पारदर्शिता तथा जनसहभागिता को प्राथमिकता दी जा रही है. जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों पर संबंधित विभागों की कार्रवाई से लोगों को उनकी समस्याओं के समाधान की उम्मीद है.
