मधेपुरा में शराब तस्करी में जब्त 52 गाड़ियों की नीलामी, मद्यनिषेध विभाग को 14.63 लाख रुपये की आय

Madhepura News: मधेपुरा में मद्यनिषेध विभाग ने शराब तस्करी में जब्त की गई 52 गाड़ियों की नीलामी कर ₹14.63 लाख का राजस्व प्राप्त किया है. जिलाधिकारी के निर्देश पर संपन्न इस नीलामी प्रक्रिया में विभिन्न प्रकार के वाहनों को शामिल किया गया था. शेष 58 वाहनों की नीलामी अगले चरण में की जाएगी.

Madhepura News: मधेपुरा जिले में शराब तस्करी और मद्यनिषेध कानून के उल्लंघन के मामलों में जब्त की गई गाड़ियों की नीलामी से सरकार को बड़ा राजस्व प्राप्त हुआ है. जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के निर्देश पर आयोजित नीलामी प्रक्रिया में 52 वाहनों की सफलतापूर्वक बिक्री की गई, जिससे मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग को कुल 14,63,413 रुपये की आय हुई.

यह नीलामी केवल सरकारी राजस्व बढ़ाने का माध्यम नहीं थी, बल्कि लंबे समय से थाना और सरकारी परिसरों में खड़ी जब्त गाड़ियों के प्रबंधन की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि जब्त वाहनों को वर्षों तक खड़ा रखने से उनकी स्थिति खराब होती है और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचता है. इसलिए समय-समय पर नीलामी कर राजस्व भी बढ़ाया जा रहा है और परिसरों को भी खाली कराया जा रहा है.

कुल 110 गाड़ियों की होनी थी नीलामी

मद्यनिषेध एवं उत्पाद विभाग के अनुसार इस चरण में जिले की कुल 110 जब्त गाड़ियों की नीलामी प्रस्तावित थी. ये सभी वाहन शराब तस्करी, अवैध परिवहन और मद्यनिषेध अधिनियम के उल्लंघन से जुड़े मामलों में जब्त किए गए थे.

हालांकि सभी वाहनों की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी. इस कारण केवल 52 गाड़ियों की सफलतापूर्वक नीलामी की जा सकी. इनमें दोपहिया, चारपहिया और विभिन्न प्रकार के वाणिज्यिक वाहन शामिल थे.

जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई पारदर्शी प्रक्रिया

नीलामी प्रक्रिया जिलाधिकारी अभिषेक रंजन के निर्देशानुसार गठित टीम की निगरानी में कराई गई. अधिकारियों ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमानुसार संपन्न हुई.

नीलामी में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया. प्रत्येक वाहन उस बोलीदाता को दिया गया जिसने निर्धारित प्रक्रिया के तहत सबसे अधिक बोली लगाई. इससे विभाग को अपेक्षा के अनुरूप राजस्व प्राप्त हुआ.

उत्पाद अधीक्षक ने क्या कहा?

उत्पाद अधीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि इस चरण में 52 वाहनों की नीलामी पूरी हुई है और शेष 58 वाहनों की नीलामी अगले चरण में की जाएगी.

उन्होंने कहा कि जिन वाहनों के कागजात या अन्य कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं हो सकी थीं, उन्हें अगली नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. नीलामी से प्राप्त पूरी राशि सरकारी कोष में जमा कर दी जाएगी.

जब्त वाहनों की नीलामी क्यों जरूरी?

अधिकारियों के अनुसार जब्त वाहनों को लंबे समय तक थाना परिसर या सरकारी परिसरों में रखने से कई समस्याएं पैदा होती हैं. समय के साथ वाहन खराब होने लगते हैं, उनके पुर्जे खराब हो जाते हैं और उनकी बाजार कीमत भी कम होती जाती है.

इसके अलावा बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहने से सरकारी परिसरों में जगह की भी कमी हो जाती है. ऐसे में नियमित अंतराल पर नीलामी कराना प्रशासनिक दृष्टि से अधिक प्रभावी माना जाता है.

Madhepura News: शराब तस्करों के खिलाफ अभियान होगा और तेज

मद्यनिषेध विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब तस्करी और अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी. जब्त वाहनों की नीलामी भी नियमित रूप से की जाएगी ताकि कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आर्थिक कार्रवाई भी प्रभावी ढंग से हो सके.

प्रशासन का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब कारोबार में शामिल लोगों को कड़ा संदेश जाता है और सरकारी संपत्ति का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित होता है.

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लेखक के बारे में

By राजकुमार

राजकुमार प्रिंट माध्यम में 15 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. किशनगंज में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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