मधेपुरा. जिला मुख्यालय स्थित झल्लू बाबू सभागार में राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के सफलता पूर्वक आयोजन हेतु समन्वय बैठक का आयोजन किया गया. बैठक का शुभारंभ जिलाधिकारी अभिषेक रंजन द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर पोषण प्रदर्शनी एवं रंगोली तैयार किया गया था जो कार्यक्रम में चार चांद लगा रहा था. इस अवसर जिलाधिकारी द्वारा लाभुकों का अन्नप्राशन एवं गोदभाराई भी किया गया था. कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जिलाधिकारी अभिषेक रंजन ने कहा कि पोषण पखवाड़ा का मुख्य उद्देश्य 0-6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती/धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण के स्तर में सुधार लाना हैं. साथ ही कहा की बच्चों के जीवन में प्रथम छह वर्षों में मस्तिष्क के समुचित एवं सर्वोत्तम विकास हेतु पोषण एवं प्रारंभिक बाल उद्दीपन के महत्व पर बल देना हैं. एक बच्चे के जीवन के पहले छह वर्ष अत्यंत महत्वपूर्ण होता हैं. वैज्ञानिक शोध के अनुसार छह वर्ष की आयु तक लगभग 85 प्रतिशत मस्तिष्क का विकास होता है. इस अवधि में तीव्र विकास के कारण उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास हेतु बेहतर पोषण एवं समुचित देखभाल की आवश्यकता होती है. इसलिये बच्चों का सही पोषण, देखभाल एवं प्रारंभिक शिक्षा अत्यंत आवश्यक है. जिलाधिकारी द्वारा पोषण पखवाड़ा में लक्ष्य के अनुरूप गतिविधियों का आयोजन करते हुए डेसबोर्ड पर अपलोड करने का निदेश दिया गया. जिला प्रोग्राम पदाधिकारी सीमा कुमारी ने कहा कि आईसीडीएस के तहत संचालित सभी छह सेवाएं यथा- स्कूल पूर्व शिक्षा, टीकाकरण, पूरक पोषाहार स्वास्थ्य जांच, स्वास्थ्य एवं पोषण शिक्षा तथा अन्नप्राशन, गोदभराई, वीएचएसएनडी, टी.एच.आर दिवस इत्यादि प्रथाएं के माध्यम से पोषण के प्रति आम जनों को जागरूक किया जा रहा है. इस अवसर पर स्वास्थ्य, शिक्षा, कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, कला एवं संस्कृति, विधुत, क़ृषि, सूचना एवं जनसंपर्क, ग्रामीण विकास, पीएचइडी, पंचायती राज, सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, जिला परियोजना प्रबंधक, डब्लुसीडीसी, जिला मिशन समन्वयक, जिला समन्वयक, लैंगिक विशेषज्ञ, सभी महिला पर्वक्षिका, सभी प्रखंड समन्वयक साथ-साथ कर्मी मौजूद थे.
राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा के सफलता पूर्वक आयोजन हेतु समन्वय बैठक का आयोजन
अवधि में तीव्र विकास के कारण उनके मानसिक एवं शारीरिक विकास हेतु बेहतर पोषण एवं समुचित देखभाल की आवश्यकता होती है.
