मधेपुरा. जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रघुबीर प्रसाद की अदालत ने हत्या के एक मामले में राजेश खेतान को दोषी ठहराते आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. वहीं 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है. कोर्ट ने मामले की अंतिम सुनवाई 26 फरवरी को ही पूरा कर एक अभियुक्त को दोषी करार देते सजा के बिंदु पर फैसले की तारीख 27 को तय किया था. मामले में अभियोजन पक्ष से बहस कर रहे अपर लोक अभियोजक जय नारायण पंडित ने बताया कि घटना सिंहेश्वर थाना क्षेत्र का है. मामले के सूचक सुख़ासन निवासी चंदन कुमार ने फर्द बयान में स्पष्ट किया है की उसके पिता कुशेश्वर प्रसाद यादव की हत्या 28 जुलाई 2013 को सिंहेश्वर में हाथ पैर बांधकर जला कर की गयी थी. उसने बताया कि उसके पिता गत 10 वर्षों से सिंहेश्वर स्थित राजेश खेतान के यहां मुंशी का काम करते थे. सात आठ माह से मेहनताना नहीं मिलने के कारण उसके पिता कुशेश्वर यादव काम छोड़कर घर पर ही रहने लगे. घटना के चार दिन पूर्व राजेश खेतान कुशेश्वर के घर सुखासन आकर पुनः अपने यहां काम करने और सिंहेश्वर में ही रहने के लिए राजी कर उसे अपने साथ ही सिंहेश्वर ले आया. 28 जुलाई को कोई आदमी चंदन के घर आया और बोला की राजेश खेतान के घर चोरी हो गयी है. आपको बुलाया है. जब चंदन सिंहेश्वर पहुंचा, तो देखा की उसके पिता की अधजली लाश चौकी पर पड़ी है, जबकि वहां से राजेश खेतान और उसके परिवार के लोग फरार थे. सूचक चंदन द्वारा घटना की जानकारी पुलिस को देते न्याय की गुहार लगायी.. मामले में कोर्ट ने अभियुक्त राजेश खेतान को हत्या का दोषी करार देते आजीवन कारावास की सजा सुनाई .साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया.
हत्या के मामले में एक को आजीवन कारावास, 50 हजार का लगाया अर्थदंड
हत्या के मामले में एक को आजीवन कारावास, 50 हजार का लगाया अर्थदंड
