Madhepura News: मधेपुरा जिले के मुरलीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में 197 आशा कार्यकर्ताओं को बाल संरक्षण, बाल शोषण, बाल मजदूरी और बाल तस्करी की रोकथाम विषय पर एक दिवसीय क्षमता-विकास प्रशिक्षण दिया गया. प्रशिक्षण का उद्देश्य आशा कार्यकर्ताओं को बच्चों के अधिकारों, उनकी सुरक्षा और जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान कर समय पर कार्रवाई करने के लिए सक्षम बनाना था. कार्यक्रम का आयोजन मधेपुरा क्रिश्चियन हॉस्पिटल के सामुदायिक स्वास्थ्य एवं विकास कार्यक्रम के तहत किया गया.
बच्चों की सुरक्षा को लेकर आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर
मुरलीगंज सीएचसी के सभागार में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया.
प्रशिक्षण के दौरान विशेषज्ञों ने बताया कि बाल शोषण, बाल मजदूरी, बाल तस्करी, बाल विवाह और बच्चों के खिलाफ हिंसा जैसी घटनाएं केवल कानूनी नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारी का भी विषय हैं.
संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना देने की अपील
प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों से कहा कि यदि किसी बच्चे के साथ शोषण, हिंसा, बाल विवाह, बाल मजदूरी या तस्करी की आशंका हो तो उसकी जानकारी तुरंत संबंधित विभाग और प्रशासन को देना आवश्यक है.
उन्होंने बताया कि समय पर सूचना मिलने से बच्चों को गंभीर जोखिम से बचाया जा सकता है.
ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी
मधेपुरा क्रिश्चियन हॉस्पिटल की टीम ने बाल संरक्षण से जुड़े कानूनों, सरकारी योजनाओं और ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका की विस्तृत जानकारी दी.
वक्ताओं ने कहा कि आशा कार्यकर्ता समुदाय और स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं. वे नियमित रूप से घर-घर जाकर बच्चों और परिवारों से संपर्क में रहती हैं, इसलिए जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान करने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है.
शिक्षा और जागरूकता अभियान चलाने का आह्वान
प्रशिक्षण के दौरान आशा कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में बाल अधिकारों, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का आह्वान किया गया.
उन्हें अभिभावकों को बच्चों की पढ़ाई जारी रखने, बाल विवाह रोकने और बच्चों को मजदूरी से दूर रखने के लिए प्रेरित करने की सलाह दी गई.
स्वास्थ्य विभाग और समाज की साझा जिम्मेदारी
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि बाल शोषण, बाल मजदूरी और बाल तस्करी जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करने के लिए स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन, विद्यालय, पंचायत प्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं और समुदाय को मिलकर काम करना होगा.
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित और जागरूक आशा कार्यकर्ता इस दिशा में एक प्रभावी परिवर्तनकारी भूमिका निभा सकती हैं.
Madhepura News: प्रशिक्षण के अंत में लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में सभी 197 आशा कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना देने और बाल अधिकारों के प्रति समुदाय को जागरूक करने का संकल्प लिया.
मधेपुरा क्रिश्चियन हॉस्पिटल के सामुदायिक स्वास्थ्य एवं विकास कार्यक्रम ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.
